home page

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शनार्थियों के साथ पुलिस के दुर्व्यवहार से नाराज हुए मुख्यमंत्री

 | 
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शनार्थियों के साथ पुलिस के दुर्व्यवहार से नाराज हुए मुख्यमंत्री


—अफसरों की क्लास लगा बोले, मंदिर एवं पुलिस प्रशासन व्यवस्था में सुधार लाएं--समीक्षा बैठक में विकास कार्यो एवं कानून व्यवस्था पर दिशा निर्देश

वाराणसी, 01 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के पहले दिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शनार्थियों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्व्यवस्था की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए और इसके लिए पुलिस एवं मंदिर प्रशासन तत्काल व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करें।

सर्किट हाउस सभागार में विकास कार्यों, निर्माणाधीन परियोजनाओं और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाएं पैसा कमाने का जरिया नहीं, बल्कि श्रद्धा का स्थल हैं। इसलिए श्रद्धालुओं के लिए इन स्थानों पर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित किया जाय। मुख्यमंत्री ने विश्वनाथ कॉरिडोर में निर्मित दुकानों तक श्रद्धालुओं की सहज पहुंच सुनिश्चित करने और वहां बिकने वाली सामग्रियों के मूल्य वाजिब रखने के निर्देश दिए। साथ ही मैनपावर बढ़ाकर मणिकर्णिका एवं हरिश्चंद्र घाट के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा।

—विकास परियोजनाओं पर जोर

गोदौलिया में निर्माणाधीन रोप-वे स्टेशन पर यात्रियों के सुरक्षित चढ़ने-उतरने की व्यवस्था के अनुरूप कार्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना में उचित मुआवजा वितरण सुनिश्चित करते हुए कार्य में तेजी लाने को कहा गया।

—कानून-व्यवस्था पर सख्ती

कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी धार्मिक गतिविधियां सम्बंधित धार्मिक परिसरों तक ही सीमित रहें और किसी नई परम्परा की अनुमति न दी जाए। तीव्र आवाज वाले साइलेंसर व प्रेशर हॉर्न के प्रयोग पर रोक, सड़कों पर अतिक्रमण व अवैध पार्किंग पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार में संलिप्त वास्तविक जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही अवैध एवं जहरीली शराब की बिक्री और परिवहन पर सख्त निगरानी रखने को कहा गया, विशेषकर आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर। स्कूली बच्चों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने, सड़क सुरक्षा की नियमित बैठकें आयोजित करने तथा जिमों की जांच कर महिलाओं के लिए महिला प्रशिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने मुख्यमंत्री के समक्ष भविष्य की प्रस्तावित परियोजनाओं के सम्बंध में प्रेजेंटेशन दिया । जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जनपद में निर्माणाधीन विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। जिसमें उन्होंने बताया कि वर्तमान में 74 परियोजनाएं लगभग 17 हजार करोड़ की संचालित हैं । जिनके नियमित मॉनिटरिंग का लगातार कार्य किया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कानून व्यवस्था, एडीजी जोन पियूष मोर्डिया ने जोन की कानून व्यवस्था, साइबर अपराधों के खिलाफ कड़ी एवं प्रभावी कार्रवाई की जानकारी प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी ।

—व्यापार एवं जनसुविधाओं पर फोकस

मुख्यमंत्री ने जिला व कमिश्नरी स्तर पर व्यापार एवं उद्योग बंधु तथा बैंकों की नियमित बैठकें कर शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार आमजन के प्रति शालीन और संवेदनशील होना चाहिए तथा त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता, कानून-व्यवस्था और जनसुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ अवधेश सिंह, डॉ सुनील पटेल, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा, डीआईजी वैभव कृष्णा, विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल आदि मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी