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चंद्रग्रहण के दिन अपरान्ह 4.30 बजे से बंद हाेंगे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट

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चंद्रग्रहण के दिन अपरान्ह 4.30 बजे से बंद हाेंगे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट


—ग्रहण मोक्ष के पश्चात शास्त्रोक्त विधि से उग्रह (मोक्ष) पूजन के बाद खुलेगा मंदिर का पट

वाराणसी, 01 मार्च (हि.स.)। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा (तीन मार्च) को साल के पहले चंद्रग्रहण पर सूतककाल में धर्म नगरी वाराणसी के सभी मंदिर और देवालय बंद रहेंगे। चंद्रग्रहण के 09 घंटे पूर्व लगने वाले सूतककाल को देखते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन नहीं होगा। परंपरा के अनुसार श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का कपाट ग्रहण प्रारंभ होने से डेढ़ घंटे पूर्व अपराह्न 4:30 बजे बंद हो जाएगा। ग्रहण मोक्ष सायं 6:47 बजे के बाद शास्त्रोक्त विधि से उग्रह (मोक्ष) पूजन सम्पन्न किया जाएगा। पूजन उपरांत शुद्धिकरण एवं आवश्यक धार्मिक विधि-विधान पूर्ण करने के बाद सायं 7:15 बजे के पश्चात मंदिर का कपाट श्रद्धालुओं एवं जनमानस के लिए पुनः खोल दिया जाएगा।

रविवार को यह जानकारी मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ विश्वभूषण मिश्र ने दी। उन्होंने ग्रहण के दिन के लिए शिवभक्तों और श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि मंदिर के समय-सारिणी को ध्यान में रखते हुए अपने दर्शन की योजना बनाएं।

बताते चले रंगों के त्योहार होली के दिन इस साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ग्रहण 3 मार्च को पड़ेगा, जो भारत में भी दिखाई देगा और इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा। साल के इस पहले चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट तक रहेगी। चंद्र ग्रहण 3 मार्च को अपरान्ह 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा और 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। सूतक काल ग्रहण लगने से 09 घंटे पहले शुरू हो जाता है और ऐसे में सूतक काल सुबह 06 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी