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वाराणसी में आन-बान-शान से लहराया तिरंगा, बाबा विश्वनाथ का तिरंगा शृंगार ने मनमाेहा

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वाराणसी में आन-बान-शान से लहराया तिरंगा, बाबा विश्वनाथ का तिरंगा शृंगार ने मनमाेहा


वाराणसी में आन-बान-शान से लहराया तिरंगा, बाबा विश्वनाथ का तिरंगा शृंगार ने मनमाेहा


वाराणसी में आन-बान-शान से लहराया तिरंगा, बाबा विश्वनाथ का तिरंगा शृंगार ने मनमाेहा


— कई जगहों पर प्रभातफेरी निकली, देशभक्ति के तराने गूंजे,पूरे जिले में देशभक्ति का ज्वार

अगले दस वर्ष तक अगर इसी तरीके से कार्य हुआ तो हम विश्व की सबसे सफल आर्थिक शक्ति होंगे : अनिल राजभर

वाराणसी, 15 अगस्त (हि.स.)। स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ पर शनिवार को उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) में आन-बान-शान के साथ तिरंगा लहराया गया। आजादी के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले अमर सेनानियों को नमन करते हुए पूरे जिले में देशभक्ति का ज्वार देखने को मिला। सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों से लेकर विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पुलिस लाइन, थानों, रेलवे परिसर और सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों के कार्यालयों तक ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान हुआ। जगह-जगह प्रभातफेरी निकाली गई और देशभक्ति के गीतों से वातावरण गूंज उठा।

—डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में हुआ मुख्य समारोह

वाराणसी जिला प्रशासन की ओर से सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में 80वें स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद वंदे मातरम् और राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ। समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सपूतों को नमन किया। उन्होंने कहा कि यह सदी भारत की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने गौरवमयी उपलब्धियां हासिल की हैं। युवाओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि देश उनका है और राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी भी उन्हें पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभानी होगी।

—दस वर्ष में भारत बन सकता है सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति

मंत्री ने कहा कि भारत की विकास दर ने दुनिया को चकित किया है। यदि अगले दस वर्षों तक इसी गति और दिशा में कार्य होता रहा तो भारत विश्व की सबसे सफल आर्थिक शक्ति बन सकता है। उन्होंने कहा कि देश को सही रास्ते पर आगे बढ़ाते हुए विदेशी ताकतों के मंसूबों से सावधान रहना होगा। उन्होंने मातृशक्ति को आगे बढ़ाने, किसानों को सशक्त बनाने और युवाओं को सरकार की विकास योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण, गरीबी उन्मूलन तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर काम करना होगा। तभी भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा।

—देश निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी

अनिल राजभर ने कहा कि देश का विकास केवल सरकार और अधिकारियों की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक नागरिक को अपने स्तर पर योगदान देना होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर और देश को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में जनभागीदारी की आवश्यकता बताई। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान संसद सत्र में राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम् गीत को पहली बार गाया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

—मंडलायुक्त ने भारतीय एकता और संस्कारों पर दिया जोर

स्वतंत्रता दिवस पर मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने कमिश्नरी परिसर में ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया। उन्होंने देशी रियासतों और रजवाड़ों को एकजुट करने में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि अनेक भाषाओं, संस्कृतियों और विविधताओं के बावजूद भारतीयों ने अनेकता में एकता की भावना को मजबूत किया है। आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों का संचार करना सभी की जिम्मेदारी है।

मंडलायुक्त ने जेन-जी, अल्फा और बीटा पीढ़ी का उल्लेख करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को आधुनिक ज्ञान के साथ अपने संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों से भी जोड़े रखना होगा। पुराने अनुभवों से सीख लेकर ही भविष्य के भारत का मजबूत निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने 1781 में राजा चेत सिंह और वारेन हेस्टिंग्स के बीच हुए संघर्ष का उल्लेख करते हुए बनारस की जनता के साहस और संघर्ष भावना की सराहना की।

—स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों का हुआ सम्मान

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने राइफल क्लब में ध्वजारोहण के बाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को अंगवस्त्रम और उपहार भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय गौरव, एकता, अखंडता और देशभक्ति का प्रतीक है। यह दिन हमें स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के त्याग, संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी लोग अपने कर्तव्यों का ईमानदारी एवं जिम्मेदारी से निर्वहन करते हुए स्वच्छ, सुरक्षित, समृद्ध और विकसित समाज के निर्माण में सहभागी बनें। जिलाधिकारी ने परिसर में पौधरोपण भी किया।

—बाबा विश्वनाथ का हुआ तिरंगा शृंगार

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ के ज्योतिर्लिंग का विशेष तिरंगा शृंगार किया गया। भोर की मंगला आरती के बाद बाबा का तिरंगा शृंगार हुआ। धाम परिसर स्थित नीलकंठ भवन में ध्वजारोहण कर राष्ट्रसेवा और राष्ट्रहित में योगदान का संकल्प लिया गया।

—शहर से गांव तक देशभक्ति का माहौल

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बरेका, पूर्वोत्तर रेलवे, पुलिस लाइन, जिले के सभी थानों, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी एवं अर्धसरकारी कार्यालयों, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों तथा काशी पत्रकार संघ सहित विभिन्न स्थानों पर ध्वजारोहण किया गया। जंगे आजादी में प्राण न्यौछावर करने वाले अमर सेनानियों की याद और सम्मान में पूरे शहर में देशभक्ति का ज्वार लहराता दिखा। इस दौरान राष्ट्रगान के साथ ही तिरंगे झंडे को सलामी दी गई। कई जगहों पर प्रभातफेरी निकालकर देशभक्ति गीत गाए। स्वतंत्रता दिवस पर सुबह से ही देशभक्ति गीतों की धूम रही। कई जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी