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ज्वेलर्स कंपनी के वर्षगांठ कार्यक्रम में निवेशकों ने किया हंगामा,कंपनी के लोगों को पुलिस ने लिया हिरासत में

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ज्वेलर्स कंपनी के वर्षगांठ कार्यक्रम में निवेशकों ने किया हंगामा,कंपनी के लोगों को पुलिस ने लिया हिरासत में


—कंपनी के संचालकों पर गोल्ड, कैशबैक और नेटवर्क मार्केटिंग योजनाओं के नाम पर कथित धोखाधड़ी के आरोप

वाराणसी,05 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी जनपद के चेतगंज थाना क्षेत्र के पिपलानी कटरा स्थित नागरिक नाटक मंडली में रविवार को मेडलियन ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड के 06वें वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में निवेशकों ने धोखाधड़ी का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया।

इसकी जानकारी पाते ही पुलिस अफसर भी फोर्स के साथ पहुंच गए। हंगामा कर रहे दिल्ली और हरियाणा के निवेशकों ने अफसरों के सामने आरोप लगाया कि कंपनी के संचालकों ने गोल्ड, कैशबैक और नेटवर्क मार्केटिंग योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी की है। निवेशकों के अनुसार वर्ष 2020 में मेडलियन ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पंजीकृत कंपनी ने नेटवर्क मार्केटिंग के माध्यम से लोगों को निवेश के लिए आफर दिया। कंपनी ने 10 से 20 महीने में निवेश की गई राशि दोगुनी करने, सोना देने और विदेश यात्रा जैसे आकर्षक ऑफर देकर बड़ी संख्या में लोगों से धन भी जमा करा लिया। निवेशकों का आरोप है कि शुरू के कुछ दिनों में कंपनी के संचालकों ने निवेशकों को भुगतान कर अपना विश्वास जमा लिया, लेकिन बाद में किसी को भी भुगतान नहीं किया गया। जब लोगों ने अपना निवेश किया हुआ धन वापस मांगा तो कंपनी के संचालक टालमटोल कर रहे है। शिकायत सुनने के बाद पुलिस अफसरों के निर्देश पर कंपनी के कुछ कर्मियों और अफसरों को हिरासत में लिया गया। एक निवेशक सत्यप्रकाश ने आरोप लगाया कि कंपनी ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी की है। उनका 11 लाख रूपये कंपनी ने निवेश कराया है, लेकिन अब रूपये लौटा नहीं रही है। हम लोगों को सोशल मीडिया के जरिए कंपनी के वर्षगांठ पर कार्यक्रम की जानकारी हुई तो बनारस आए। पीड़ितों के शिकायत पर एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्सेना ने मौके पर पहुंचकर कार्यक्रम को रुकवा दिया। मौके पर मौजूद लोगों और कंपनी से जुड़े व्यक्तियों से पूछताछ भी गई। एसीपी साइबर क्राइम ने पत्रकारों को बताया कि शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच चल रही है। निवेशकों के आरोपों, कंपनी के दस्तावेजों, निवेश योजनाओं और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी