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वाराणसी: बीएचयू के स्पंदन में भावना का चित्रण, कैनवास और कोलाज प्रदर्शनी बनी आकर्षण

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वाराणसी: बीएचयू के स्पंदन में भावना का चित्रण, कैनवास और कोलाज प्रदर्शनी बनी आकर्षण


वाराणसी, 24 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम स्पंदन–2026 के चौथे दिन मंगलवार को दृश्य कला संकाय की प्रदर्शनी छात्रों को आकर्षित करती रही। प्रतियोगिता में ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग और ऑन-द-स्पॉट कोलाज में विद्यार्थियों ने भी उत्साह के साथ भागीदारी की। विजुअल आर्ट्स संकाय के प्रदर्शनी हॉल में रचनात्मक अभिव्यक्ति का उत्सव दिखा। “स्पंदन” विषय पर आधारित ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग प्रतियोगिता में विभिन्न विभागों के 18 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

“स्पंदन” अर्थात हृदय की धड़कन, लय और जीवन की गति का प्रतीक, प्रतिभागियों को भावनात्मक गहराई, अंतर्मन की चेतना और अस्तित्व की गतिशील ऊर्जा को अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित करता रहा। रंगों, बनावट और संयोजन के सृजनात्मक उपयोग के माध्यम से प्रत्येक कलाकार ने “स्पंदन” की अपनी विशिष्ट व्याख्या प्रस्तुत की। इसी तरह पेंटिंग प्रतियोगिता के साथ-साथ “आधुनिक बनारस” विषय पर ऑन-द-स्पॉट कोलाज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें 15 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इस विषय ने विद्यार्थियों को बनारस की विकसित होती पहचान को दृश्य रूप में अभिव्यक्त करने का अवसर दिया, जहाँ परंपरा और आधुनिकीकरण के बीच संवाद को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रतिभागियों ने समाचारपत्रों और पत्रिकाओं की कतरनों का सृजनात्मक उपयोग करते हुए शहरी विकास, तकनीकी प्रगति, स्मार्ट सिटी पहल, बदलती जीवनशैली, युवा संस्कृति, पर्यटन तथा आध्यात्मिकता और आधुनिक परिवर्तन के सह-अस्तित्व को चित्रित किया। प्रतियोगिता की एक विशेष नियमावली के अंतर्गत कैंची के उपयोग पर प्रतिबंध था। ऐसे में प्रतिभागियों को कागज़ हाथ से फाड़कर ही अपनी रचना तैयार करनी थी, जिससे प्रस्तुतियों में सहजता और बनावट की एक विशिष्ट सौंदर्यात्मक गुणवत्ता जुड़ गई। इस कार्यक्रम का संयोजन कला संकाय की डॉ. किरण गुप्ता और डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी