बीएचयू के संबद्ध महाविद्यालयों के पीएचडी सुपरवाइजरों को मिलेगी ऑनलाइन संसाधनों की ऐक्सेस
वाराणसी, 05 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने अपने संबद्ध महाविद्यालयों में शोध गुणवत्ता व उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ी पहल की है। इस क्रम में संबद्ध महाविद्यालयों के शोध निर्देशकों को विश्वविद्यालय के सयाजीराव गायकवाड़ केंद्रीय पुस्तकालय के ऑनलाइन संसाधनों तक पहुंच प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इस कदम से विश्वविद्यालय के चार संबद्ध महाविद्यालयों—डीएवी पीजी कॉलेज, बसंत कन्या महाविद्यालय, वसंत महिला महाविद्यालय तथा आर्य महिला पीजी कॉलेज के पीएचडी सुपरवाइज़र वृहद व विविध ई-रिसोर्सेज़ का लाभ ले सकेंगे, जिससे शोधार्थियों को भी फायदा मिलेगा। विश्वविद्यालय का सयाजीराव गायकवाड़ केंद्रीय पुस्तकालय देश के सबसे वृहद और समृद्ध शैक्षणिक पुस्तकालयों में से एक है, जहां बड़ी संख्या में ई-रिसोर्सेज उपलब्ध हैं, जो गुणवत्तापरक शोध करने के लिए आवश्यक माध्यम बनते हैं।
बीएचयू जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार नई पहल के अंतर्गत संबद्ध महाविद्यालयों के शोध निर्देशक अब विश्वविद्यालय के ऑनलाइन-रिसोर्सेज तक आसानी से पहुंच हासिल कर पाएंगे तथा शोध उत्कृष्टता की दिशा में अपने मार्गदर्शन को और सशक्त बना सकेंगे। यह कदम विश्वविद्यालय के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य महाविद्यालयों में शोध और अकादमिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाना है।
बीएचयू कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी के अनुसार ,यह पहल संबद्ध महाविद्यालयों के शोधार्थियों के उस अनुरोध के क्रम में की गई है, जिसके तहत वे अपने शोध को और सशक्त करने के लिए अधिक संसाधनों की मांग कर रहे थे। संबद्ध महाविद्यालयों के पीएचडी सुपरवाइज़रों को केंद्रीय पुस्तकालय के ऑनलाइन संसाधनों की ऐक्सेस प्रदान करना उनके मार्गदर्शन एवं शोध कार्य को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय का यह निर्णय न केवल शोध की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा, बल्कि संबद्ध महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय के बीच शैक्षणिक सहयोग को भी मजबूत करेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

