बीएचयू एवं नॉर्दर्न स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी, रूस के मध्य शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग के लिए एमओयू
वाराणसी,27 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और नॉर्दर्न स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के बीच शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त शोध, शैक्षणिक आदान-प्रदान तथा चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देगा।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी तथा दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। बीएचयू की ओर से कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए, जबकि रूसी विश्वविद्यालय की ओर से कार्यवाहक रेक्टर बाइलोवा एन. ए. आधिकारिक हस्ताक्षरकर्ता रहीं। इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के जनसंपर्क कार्यालय ने बुधवार को दी। इस एमओयू के तहत दोनों विश्वविद्यालय विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों एवं तकनीकी कर्मियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देंगे। साथ ही संयुक्त शोध परियोजनाओं, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक परामर्श, शैक्षणिक विनिमय कार्यक्रमों तथा मानव एवं सूचना संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर भी सहयोग किया जाएगा। दोनों संस्थान पारस्परिक शैक्षणिक एवं अनुसंधान हितों के नए क्षेत्रों में भी साझेदारी की संभावनाएं तलाशेंगे।
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच सहयोग एवं सहभागिता के नए अवसर खोलेगा। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम विकसित करने पर भी जोर देते हुए कहा कि इससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव के साथ अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि रूसी विश्वविद्यालय की उन्नत विज्ञान एवं चिकित्सा अवसंरचना भारतीय विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध करा सकती है।
नॉर्दर्न स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी की डीन नतालिया अनीकिना ने कहा कि यह सहयोग दोनों विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए विकास और उत्कृष्टता के नए मार्ग खोलेगा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में लगभग 1,500 भारतीय विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा वहां अत्याधुनिक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध हैं।
अंतरराष्ट्रीय केंद्र के समन्वयक प्रो. राजेश कुमार सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच पारस्परिक हितों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत विचार-विमर्श के बाद इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

