बीएचयू महिला महाविद्यालय में पुरा छात्रा सम्मेलन, पद्मश्री प्रो. मंगला कपूर भी हुई शामिल
—'काशी की लता मंगेशकर' प्रो. मंगला कपूर ने जीवन के संघर्ष और अनुभव को किया साझा
वाराणसी, 28 मार्च (हि.स.)। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के महिला महाविद्यालय में शनिवार शाम 'पुरा छात्रा समागम' 2026 का आयोजन 'सावित्रीबाई फुले सभागार' में किया गया। समारोह में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित महिला महाविद्यालय की पुरा छात्रा एवं बीएचयू की सेवानिवृत्त प्रोफेसर प्रो. मंगला कपूर ने भी भागीदारी की।
समारोह की शुरूआत भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर पुष्पार्चन एवं कुलगीत से हुई। समारोह में ग्वालियर संगीत घराने से जुड़ी 'काशी की लता मंगेशकर' प्रो. मंगला कपूर ने अपने संघर्ष और अनुभव को साझा किया। उन्होंने महिला महाविद्यालय से आमंत्रण पर कहा क्या कहूँ, अभिभूत हूँ । ऐसे ही घर वाले याद करते रहें। प्रो. मंगला ने अपने जीवन की विपरीत परिस्थितियों(एसिड अटैक) को उजागर कर स्त्रियों को प्रेरित करते हुए, स्वरचित पंक्ति हम बेबसी से हाथ मिलाए तो किस तरह... एवं अपनी पुस्तक 'सीरत' की भी चर्चा की। प्राचार्या प्रो. रीता सिंह ने कहा कि महिला महाविद्यालय के कण-कण में रूह बसती है। अच्छा-बुरा जो भी है सब कुछ यहीं का है। प्राचार्या ने प्रो. मंगला कपूर को पद्मश्री सम्मान के लिए बधाई देते हुए कवि नागार्जुन की कविता नए गगन में नया सूर्य जो चमक रहा है, यह विशाल भूखंड आज जो दमक रहा है, मेरी भी आभा है इसमें... को उद्धृत कर महिला महाविद्यालय के महत्व को भी रेखांकित किया। सम्मेलन में महिला महाविद्यालय एवं संगीत विभाग द्वारा प्रो. मंगला कपूर का औपचारिक सम्मान पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र प्रदान किया गया। सम्मेलन का संचालन महाविद्यालय की आचार्या डॉ. रुक्मिणी जायसवाल ने किया। सम्मेलन में शास्त्रीय नृत्य छात्रा युविका एवं प्रीति, भजन गायन गौरी, अंकिता मण्डल, श्वेता कुमारी, पंडित ललित कुमार ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में प्रो. मंगला कपूर के जीवनाधारित शॉर्ट फिल्म का भी प्रसारण किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

