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बीएचयू में नियमितीकरण की मांग,रातभर धरने पर बैठी रही संविदा महिला कर्मचारी

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बीएचयू में नियमितीकरण की मांग,रातभर धरने पर बैठी रही संविदा महिला कर्मचारी


वाराणसी, 12 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में 199 जूनियर क्लर्क पदों की भर्ती परीक्षा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गहराने लगा है। विश्वविद्यालय के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी पिछले 6 दिनों से विश्वविद्यालय परिसर स्थित मधुबन में धरने पर बैठे हैं।

धरने में शामिल कर्मचारी विश्वविद्यालय प्रशासन के रवैये को लेकर बेहद नाराज है। उनका दो टूक कहना है कि जब तक उनके नियमितीकरण का मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक नई भर्ती प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद उनके नियमितीकरण को टाला जा रहा है, जबकि अब नई भर्ती के माध्यम से बाहरी नियुक्तियां करने की तैयारी की जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय में 10 से 40 वर्षों तक अपनी सेवाएं दी हैं, ऐसे में उन्हें प्राथमिकता दिए बिना नई भर्ती करना अन्यायपूर्ण है।

उत्पीड़न के आरोप, रातभर चला प्रदर्शन

कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर उत्पीड़न के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले उन्हें केंद्रीय कार्यालय से हटाकर मधुबन क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया और फिर धरना स्थल की बिजली तक काट दी गई। तेज गर्मी और अंधेरे में रात बिताने को मजबूर कर्मचारियों का आक्रोश और बढ़ गया, जिसके बाद वे सड़क पर उतर आए। भारी विरोध के बाद विश्वविद्यालय

प्रशासन को बिजली आपूर्ति बहाल करनी पड़ी।

बीते शनिवार को करीब सौ महिला कर्मचारियों ने पूरी रात धरने पर बैठकर विरोध जताया। शाम को कर्मचारियों ने परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर से एमएमवी चौराहे तक शांति मार्च भी निकाला। कर्मचारियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है और हाजिरी को लेकर भी दबाव बनाया जा रहा है, जिससे नौकरी जाने का डर बना हुआ है।

उधर, संविदा कर्मचारियों के आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिलना शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के एमएलसी आशुतोष सिन्हा और पूर्व पार्षद वरुण सिंह ने आंदोलन स्थल पर रविवार को पहुंचकर कर्मचारियों को समर्थन दिया। दोनों नेताओं ने कुलपति से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा और कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग की।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी