बीएचयू के आयुर्वेद संकाय को प्राप्त हुई शैक्षणिक सत्र 2026-27 में यूजी, पीजी पाठ्यक्रम चलाने की मान्यता
—भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग ने दी मान्यता
वाराणसी, 08 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के आयुर्वेद संकाय को हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के मान्यता मिल गई है। संकाय में यूजी, पीजी पाठ्यक्रम संचालित करने की वार्षिक मान्यता मिलने पर विशेषज्ञ भी गदगद है। आयोग के चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड ने मंगलवार (08 सितंबर) को जारी पत्र के माध्यम से संकाय को स्नातक एवं स्नातकोत्तर, दोनों स्तरों पर प्रवेश की मान्यता जारी की है।
अनुमति के अनुसार बीएएमएस पाठ्यक्रम में 60 सीटें (ईडब्ल्यूएस सहित 75) तथा स्नातकोत्तर के 14 विषयों में कुल 45 सीटें (ईडब्ल्यूएस सहित 57) निर्धारित की गई हैं। मंगलवार को यह जानकारी बीएचयू के जनसम्पर्क कार्यालय ने दी। बताया गया कि स्नातकोत्तर स्तर पर जिन विषयों को अनुमति मिली है, उनमें आयुर्वेद संहिता एवं सिद्धांत, रचना शारीर, क्रिया शारीर, द्रव्यगुण विज्ञान, रस शास्त्र एवं भैषज्य कल्पना, रोग निदान एवं विकृति विज्ञान, स्वस्थवृत्त एवं योग, प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग, कौमारभृत्य-बाल रोग, कायचिकित्सा, कायचिकित्सा-मनोविज्ञान एवं मानस रोग, शल्य तंत्र, शालाक्य-नेत्र रोग चिकित्सा तथा शालाक्य-कर्ण, नासा एवं मुख रोग चिकित्सा सम्मिलित हैं। सर्वाधिक 12 सीटें शल्य तंत्र विषय में स्वीकृत हुई हैं।
आयुर्वेद संकाय का वार्षिक निरीक्षण भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग के दल ने 22 एवं 23 मई को हाइब्रिड पद्धति से किया था। इसके पश्चात प्रस्तुत अभिलेखों एवं स्पष्टीकरण पर बोर्ड की बैठकों में विचार हुआ तथा 21 अगस्त को सुनवाई हुई, जिसमें आयुर्वेद संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. एच.एच.वी.एस.एस. नरसिम्ह मूर्ति कनुपुरी ने संस्थान का पक्ष प्रस्तुत किया। बोर्ड की 175वीं बैठक में दो सितंबर को अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया गया। जिस क्रम में यह औपचारिक पत्र जारी हुआ। बीएचयू के जनसम्पर्क कार्यालय के अनुसार,पहले चरण की काउंसिलिंग में अभ्यर्थियों के पास बीएचयू के आयुर्वेद संकाय के चयन का विकल्प उपलब्ध रहेगा। प्रथम चरण में विकल्प भरने एवं उन्हें लॉक करने की अंतिम तिथि 13 सितंबर है, सीट आवंटन 14 एवं 15 सितंबर को होगा तथा परिणाम 16 सितंबर को घोषित किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

