राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित प्रो. आशुतोष मोहन का बीएचयू में अभिनंदन
वाराणसी, 08 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज) के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो. आशुतोष मोहन का मंगलवार को विश्वविद्यालय परिवार एवं उनके शोधार्थियों ने अभिनंदन किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किए गए इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से प्रबंध संकाय के शिक्षकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों में खुशी का माहौल है।
अभिनंदन समारोह में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों, संकाय सदस्यों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों एवं सहयोगियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने प्रो. मोहन को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके शिक्षण, शोध, अकादमिक नेतृत्व, नवाचार और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में योगदान का उल्लेख किया।
वक्ताओं ने कहा कि प्रो. आशुतोष मोहन का योगदान केवल कक्षा में अध्यापन तक सीमित नहीं रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अकादमिक उत्कृष्टता के साथ नए विचारों, शोधपरक दृष्टिकोण, नवाचार और निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया है। उनके मार्गदर्शन से अनेक विद्यार्थियों ने अकादमिक एवं व्यावसायिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। शोधार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों ने भी समारोह में अपने अनुभव साझा किए तथा प्रो. मोहन के मार्गदर्शन एवं सहयोग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
25 वर्षों से अधिक की विशिष्ट अकादमिक यात्रा
प्रो. आशुतोष मोहन ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक की अपनी अकादमिक यात्रा के दौरान शिक्षण, शोध, अकादमिक नेतृत्व, नवाचार एवं मार्गदर्शन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने बीएचयू के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से एमबीए की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पीएचडी तथा आईएम, बीएचयू से डी.लिट. की उपाधि हासिल की।
उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया में भी अध्यापन किया। प्रो. मोहन के नाम 50 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित होने का उल्लेखनीय अकादमिक रिकॉर्ड है। वर्तमान में वे नेशनल कोऑर्डिनेटर (आईएनआई)-स्वयं, मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने स्वयं प्लेटफॉर्म पर तीन पाठ्यक्रम विकसित किए हैं। इसके अलावा जर्मनी के सहयोग से दो इंटरैक्टिव पाठ्यक्रम भी विकसित किए हैं। इन पहलों के माध्यम से उन्होंने तकनीक-सक्षम एवं नवाचार आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के साथ अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग को भी मजबूत किया है।
अकादमिक नेतृत्व के क्षेत्र में वे बीएचयू मैनेजमेंट रिव्यू के मैनेजिंग एडिटर तथा आईएम के प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। समारोह के दौरान प्रो. आशुतोष मोहन की अकादमिक एवं व्यावसायिक यात्रा पर आधारित विशेष वीडियो प्रस्तुति भी दिखाई गई। इसमें उनके शिक्षण, शोध, नवाचार, अकादमिक नेतृत्व और विद्यार्थियों के साथ उनके जुड़ाव की यात्रा को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में प्रो. आशीष बाजपेयी, प्रो. एस.के. दुबे, प्रो. आर.के. लोधवाल, प्रो. अमित गौतम, प्रो. अनुराग सिंह, प्रो. शशि श्रीवास्तव, प्रो. राजकिरण प्रभाकर, प्रो. आनंदिता चक्रवर्ती, प्रो. विशाल लहरी, प्रो. राम उरांव, प्रो. एस.एन. उपाध्याय, प्रो. अरुण देशमुख, डॉ. दीपक जायसवाल, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. आशीष आनंद, डॉ. श्वेतांक, डॉ. अमित कुमार, डॉ. उपनिषद मिश्रा, साक्षी, अनिरुद्ध कृष्णमूर्ति सहित अन्य शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

