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भारतीय नव संवत्सर आत्मशुद्धि और नव-संकल्प का शुभारम्भ: कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा

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भारतीय नव संवत्सर आत्मशुद्धि और नव-संकल्प का शुभारम्भ: कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा


नव संवत्सर के पूर्व संध्या पर मां दुर्गा का पूजन-अर्चन

वाराणसी, 18 मार्च (हि. स.) l उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के मुख्य भवन में बुधवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय कौशल केन्द्र ने नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर आदिशक्ति मां दुर्गा का विधिवत पूजन-अर्चन किया l इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, धूप-दीप की सुवास तथा छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता से सम्पूर्ण परिसर आध्यात्मिक चेतना एवं सांस्कृतिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि भारतीय नव संवत्सर केवल काल-गणना का प्रारम्भ नहीं, अपितु सांस्कृतिक पुनर्जागरण, आत्म परिष्कार एवं नव-संकल्प का शुभ प्रतीक है। मां दुर्गा की आराधना मानव को शक्ति, धैर्य, मर्यादा एवं धर्मनिष्ठा के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन दीनदयाल उपाध्याय कौशल केन्द्र के निदेशक प्रो. विधु द्विवेदी के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। पूजन समारोह देवी के भक्तिमय संगीत से गुंजायमान रहाl इस अवसर पर कुलसचिव राकेश कुमार, प्रो. रामपूजन पाण्डेय, प्रो. जितेन्द्र कुमार, प्रो. महेन्द्र पाण्डेय, प्रो. राजनाथ, प्रो. रमेश प्रसाद, प्रो विद्या कुमारी चंद्रा, प्रो. अमित कुमार शुक्ल आदि की मौजूदगी रही l

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी