वाराणसी : प्ले-ग्रुप के मासूम की प्रताड़ना मामले में अखिलेश यादव ने उठाया सवाल
-पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू की
वाराणसी, 27 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद के लालपुर थाना क्षेत्र स्थित सेरेन सोनी प्ले स्कूल में क्लास टीचर ने पांच वर्षीय छात्र के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। सोमवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पीड़ित बच्चे के पिता का वीडियो साझा करते हुए मामले में तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि यह बहुत ही गंभीर मामला है। उस बच्चे पर जीवन भर दर्दनाक और भयानक असर पड़ सकता है। शिक्षकों में इतनी समझ होनी चाहिए कि वे बच्चों के साथ सहानुभूति और इंसानियत से पेश आएं। तुरंत उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
उधर, लालपुर पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर आरोपित शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस ने स्कूल का सीसीटीवी डीवीआर भी कब्जे में लेकर घटना से जुड़े साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। डीसीपी वरूणा जोन प्रमोद कुमार के अनुसार पूरे प्रकरण में एसीपी कैंट से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। पुलिस की एक टीम स्कूल में भी जांच के लिए पहुंची थी। आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
यह है पूरा मामला
अकथा निवासी अधिवक्ता केशरी जायसवाल का पांच वर्षीय पुत्र क्षेत्र के काशी एन्क्लेव स्थित सेरेन सोनी प्ले स्कूल में प्ले-ग्रुप का छात्र है। परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार को कक्षा में पढ़ने के दौरान बच्चे ने शिक्षिका से शौचालय जाने की अनुमति मांगी। उसे डांटकर बैठा दिया गया। अनुमति न मिलने के कारण बच्चे से पैंट में ही पेशाब हो गया। आरोप है कि इससे नाराज शिक्षिका ने चाकू गर्म कर बच्चे के प्राइवेट पार्ट को दाग दिया। इतना ही नहीं, बच्चे को किसी से घटना की जानकारी देने पर दोबारा जलाने की धमकी भी दी गई।
स्कूल प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना की शिकायत लेकर जब वे स्कूल पहुंचे तो स्कूल प्रबंधन ने उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और धमकाया। इसके बाद शनिवार को परिजनों ने लालपुर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। वहीं, यह अमानवीय घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। वे दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और स्कूल में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

