मां गंगा की अविरलता के लिए अपना बलिदान देने वाले बाबा नागनाथ याद किए गए
— राजकीय वृद्धाश्रम दुर्गाकुण्ड में वृद्ध महिलाओं के बीच साड़ी और फल वितरित
वाराणसी, 10 जुलाई (हि.स.)। माँ गंगा की अविरलता एवं निर्मल धारा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले बाबा नागनाथ को उनकी 12वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को याद किया गया। अवधूत बाबा नागनाथ परमार्थ सेवा संस्था के तत्वावधान में आयोजित पुण्यतिथि कार्यक्रम में बाबा नागनाथ महाराज के संघर्ष को नमन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि माँ गंगा के अस्तित्व की रक्षा के लिए बाबा नागनाथ ने अपना जीवन समर्पित कर दिया था। गंगा की निर्मलता के लिए उन्होंने लंबा आमरण अनशन किया था। बाबा नागनाथ माँ गंगा की स्वच्छता के पक्षधर थे। बाबा नागनाथ ने गंगा के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित करने वाली हाइड्रो-पावर परियोजनाओं और टिहरी बांध के निर्माण के खिलाफ आवाज उठाई थी। माँ गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की मांग को लेकर वे लंबे समय तक (करीब तीन महीने से अधिक) उपवास पर रहे। अनशन के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका संघर्ष हमारे लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। कार्यक्रम के तहत संस्था के सदस्यों ने राजकीय वृद्धाश्रम दुर्गाकुण्ड में रहने वाली वृद्ध माताओं में साड़ी एवं फल वितरित किया गया। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष समीर त्रिपाठी प्रबंध सचिव राहुल मिश्र, विजय लक्ष्मी मिश्रा, राजलक्ष्मी तिवारी, किशन दीक्षित (पूर्व प्रत्याशी शहर दक्षिणी विधानसभा), पंकज सिंह, मनोज यादव (पूर्व पार्षद), प्रशांत सिंह पिंकू (पूर्व पार्षद), गोपी यादव, रामभद्र पाठक, अभिषेक पाठक, निहाल तिवारी, प्रांजल तिवारी आदि शामिल रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

