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वाराणसी में अटल पेंशन योजना के लाभार्थियों को पेंशन योजना से जोड़ने का चेक वितरित

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—एपीवाई योजना में 18 से 40 वर्ष तक के असंगठित क्षेत्र के लोग पात्र

वाराणसी, 02 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी जनपद के मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को अटल पेंशन योजना के लाभार्थियों को पेंशन योजना से जोड़ने का चेक वितरित हुआ। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि 01 जून, 2026 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, वाराणसी क्षेत्र ने अटल पेंशन योजना से आम जन को जोड़ने के लिए शाखा स्तर पर एक बृहद शिविर आयोजित किया था। जिसमें एक दिन में 1701 आम जन को पेंशन योजना से जोड़ा गया।

इस अवसर पर टी कामेश्वर राव, महाप्रबन्धक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, वाराणसी अंचल एवं शैलेंद्र कुमार, क्षेत्र प्रमुख के मार्गदर्शन में वाराणसी क्षेत्र की 63 शाखाओंं एवं 350 से भी अधिक बीसी के जरिए 1701 एपीवाई से लोगों को जोड़ा गया। इस तरह चालू वित्तीय वर्ष में 4000 लोगों को एपीवाई योजना से जोड़ा गया। सीडीओ के अनुसार, एपीवाई योजना में 18 से 40 वर्ष तक के असंगठित क्षेत्र के लोग पात्र हैं। इस योजना में 60 वर्ष की आयु पर 1000 से 5000 की पेंशन लाभार्थी को मिलेगी एवं लाभार्थी का धनराशि भी अंत में वृद्धि के साथ भुगतान किया जाता है। जैसे यदि 18 वर्ष की आयु में यदि कोई लाभार्थी अपना नामांकन करता है तो रु. 210 प्रतिमाह के हिसाब से 60 वर्ष तक 1.05 लाख जमा करता है। अगले 20 वर्ष में पेंशन रु 12 लाख मिलती है। नॉमिनी यदि अगले 5 वर्ष जीवित रहती है तो 3.00 लाख रुपये पूर्ण पेंशन उसको मिलती है। एवं अंत में अनुमानित 8.50 लाख रुपये भी नॉमिनी को मिलता है । इस प्रकार कुल अनुमानित 23.50 लाख रुपये का फायदा होता है। अटल पेंशन योजना 2015 में असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए चालू की गयी थी। महाप्रबंधक यूबीआई शैलेंद्र कुमार ने बताया की बैंक का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगो का सामाजिक सुरक्षा की योजना से जोड़ कर उनमें आत्म विश्वास की भावना का संचार करना है। इस अवसर पर अग्रणी जिला प्रबन्धक अविनाश अग्रवाल ने बताया कि इस अभियान में आम जन के बीच में विभिन्न चौपालों एवं बीएलबीसी की बैठकों में अटल पेंशन योजना के बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है, ताकि भारत सरकार की योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिले। वाराणसी जनपद में अब तक कुल 2.40 लाख आम जन को विभिन्न बैंको द्वारा इस पेंशन योजना से जोड़ा जा चुका है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी