(अपडेट) धीरेंद्र शास्त्री की सभी कथाओं पर तत्काल लगे रोक : अखिलेश यादव
बोले- कथावाचक ने सनातन धर्म का किया अपमान, भगवान कृष्ण पर ऐसी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं
काशी में भाजपा पर भी साधा निशाना, कहा- 200 मौजूदा विधायकों और मंत्रियों के कटेंगे टिकट
वाराणसी, 03 नवंबर (हि.स.)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम) की भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री की सभी कथाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने सनातन धर्म का अपमान किया है।
एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे अखिलेश यादव ने मंगलवार शाम सुंदरपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि जो सरकार बुलडोजर लेकर घूमती थी, उसे इस मामले में भी गंभीरता दिखानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना कहा कि बगल के मुख्यमंत्री (मध्यप्रदेश) का नाम मोहन है और वह खुद को यादव भी कहते हैं। ऐसे में उन्हें सोचना चाहिए कि भगवान श्रीकृष्ण के बारे में इस तरह की टिप्पणी कैसे की जा सकती है।
—काशी को क्योटो बनाने के वादे पर उठाए सवाल
वाराणसी के विकास को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोगों को यह सवाल पूछना चाहिए कि काशी अब तक क्योटो क्यों नहीं बन पाई? विकास के नाम पर केवल तस्वीरें दिखाई जा रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन्होंने कहा था कि उन्हें मां गंगा ने बुलाया है, उन्हीं लोगों ने मां गंगा को भुला दिया।
अखिलेश यादव ने कहा कि बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद समाजवादी पार्टी को दोगुना मिला है, जबकि भाजपा को डबल इंजन की डबल हार मिली है।
——भाजपा 200 मौजूदा विधायकों के काटेगी टिकट
वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि वह मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब चुनाव नहीं लड़ते। इसलिए इस बार भी वही करेंगे, जो उनके लिए शुभ होगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा इस बार अपने करीब 200 मौजूदा विधायकों के टिकट काटने जा रही है। इनमें अधिकांश मंत्री भी शामिल हैं। अखिलेश ने कहा कि मंत्रियों के टिकट सबसे पहले कटेंगे। गौरतलब है कि 15 मार्च 2012 को पहली बार मुख्यमंत्री बनने के समय अखिलेश यादव कन्नौज से लोकसभा सांसद थे। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर विधान परिषद की सदस्यता ग्रहण की थी।
—सपा सरकार बनी तो वाराणसी में फिर शुरू होगी मेट्रो परियोजना
अखिलेश यादव ने वाराणसी की यातायात व्यवस्था और जाम की समस्या को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वाराणसी को जाम की समस्या से निजात दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने करीब 10-11 साल पहले वाराणसी में मेट्रो परियोजना की योजना बनाई थी। सत्ता में आने पर इस परियोजना को फिर से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही वरुणा नदी पर प्रस्तावित रिवर फ्रंट का काम भी दोबारा शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि नदी को शहर के बीच स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने का उदाहरण पेश करेंगे।
—ओमप्रकाश राजभर के बयान पर कसा तंज
सुभासपा प्रमुख एवं प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के 'मैं सबसे बड़ा गुंडा हूं' वाले बयान पर अखिलेश यादव ने चुटकी ली। कहा कि शायद वह मुख्यमंत्री के कैबिनेट में नहीं जाते हैं। अगर कैबिनेट में जाएं तो उनसे भी बड़े लोग वहां दिखाई देंगे। पीएडीए को लेकर उठ रहे सवालों पर अखिलेश यादव ने कहा कि जानबूझकर इसे लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएडीए का अर्थ पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक है। अल्पसंख्यक वर्ग में मुस्लिम, जैन, बौद्ध, पारसी, सिख और ईसाई समुदाय शामिल हैं। इसके साथ ही आधी आबादी यानी महिलाओं को भी इसमें शामिल किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज का जो भी वर्ग पीड़ित, दुखी या अपमानित है, वह पीएडीए का हिस्सा है। इसमें ब्राह्मण समेत सभी वर्गों के लोग शामिल हैं।
——पार्टी पदाधिकारी के निधन पर जताया शोक
वाराणसी दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी राजेश यादव के निधन पर उनके परिजनों से मुलाकात की और शोक संवेदना व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश और वाराणसी से जुड़े विभिन्न राजनीतिक एवं विकास के मुद्दों पर अपनी बात रखी।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

