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वाराणसी एयरपोर्ट के रनवे और एप्रन का भी हो रहा विस्तार, विकसित हो रहा 'हरित हवाई अड्डा'

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जिलाधिकारी ने न्यू टर्मिनल बिल्डिंग और रनवे टनल का किया निरीक्षण

वाराणसी, 21 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने रविवार को बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर हो रहे मेगा विस्तारीकरण कार्य एवं अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, गंजारी का भी निरीक्षण किया। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका हैं। शेष कार्यों को भी उन्होंने शीघ्र पूरा कराए जाने हेतु निर्देशित किया। लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय भूजल स्तर को ध्यान में रखते हुए संशोधित रूप में हो रहे कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया तथा मौके पर मौजूद कार्यदाई संस्था के अभियंता एवं एयरपोर्ट अथोरिटी के अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कार्य को तेजी के साथ मानक के अनुरूप गुणवत्ता के साथ कराए जाने पर विशेष जोर दिया।

जिलाधिकारी ने विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से निर्माणाधीन एयरपोर्ट के न्यू टर्मिनल बिल्डिंग और रनवे के नीचे बनने वाले विशेष टनल (सुरंग) का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने न्यू टर्मिनल बिल्डिंग के विभिन्न हिस्सों का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी अहलूवालिया के इंजीनियरों और अधिकारियों से अब तक हुए कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। इसके साथ ही, रनवे के नीचे बनने वाले टनल के निर्माण कार्य की तकनीकी बारीकियों और सुरक्षा मानकों को भी परखा। एनएचएआई के टनल निरीक्षण के दौरान कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। साइट पर कार्य की तेज गति एवं संतोषजनक प्रगति को देखते हुए जिलाधिकारी ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक तथा कालूवाला कंस्ट्रक्शन कंपनी की टीम की सराहना की और निर्धारित समय-सीमा में परियोजना पूर्ण करने हेतु इसी प्रकार कार्य जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारियों को 2027 तक काम पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता, एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा सहित एयरपोर्ट प्रबंधन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बताते चलें कि लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 2,870 करोड़ रूपये की लागत से मेगा विस्तारीकरण कार्य तेजी से चल रहा है। जिसके अंतर्गत टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण, रनवे के नीचे टनल, रनवे विस्तार, समांतर टैक्सी वे सहित अन्य परियोजनाओं का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके तहत यात्रियों की क्षमता को 3.9 मिलियन से बढ़ाकर 9.9 मिलियन प्रति वर्ष करना, 75,000 वर्ग मीटर का नया टर्मिनल और रनवे का विस्तार शामिल है। जिसके तहत 75,000 वर्ग मीटर में बनने वाले नए टर्मिनल की क्षमता 6 मिलियन यात्री प्रति वर्ष संभालने की होगी। इसे आधुनिक सुविधाओं के साथ काशी की सांस्कृतिक विरासत की झलक के रूप में डिज़ाइन किया गया है। पुराने और नए टर्मिनल को जोड़ने के लिए एक पूरी तरह से वातानुकूलित 'स्मार्ट ग्लास कॉरिडोर' बनाया जा रहा है, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों की सुविधा के लिए ट्रैवलरेटर (मूविंग वॉकवे) भी लगाए जाएंगे। रनवे की लंबाई को 2,750 मीटर से बढ़ाकर 4,075 मीटर किया जा रहा है। इसके अलावा, एक नया एप्रन भी बनाया जा रहा है, ताकि एक साथ 20 से अधिक विमानों की पार्किंग की जा सके। रनवे के विस्तार के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के नीचे से एक सुरंग (अंडरपास) का निर्माण कार्य भी तकनीकी चुनौतियों और भूजल स्तर को ध्यान में रखते हुए संशोधित रूप में प्रगति पर है। निश्चित रूप से इस मेगा प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद हवाई अड्डा बड़े कार्गो और जंबो विमानों को संभालने में सक्षम हो जाएगा। हवाई अड्डे को ऊर्जा अनुकूलन और सौर ऊर्जा के उपयोग के साथ पूरी तरह से एक 'हरित हवाई अड्डा' के रूप में विकसित किया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी