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दानपात्र की चोरी पर भाजपा की चुप्पी, रामभक्तों का अपमान है : संजय सिंह

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दानपात्र की चोरी पर भाजपा की चुप्पी, रामभक्तों का अपमान है : संजय सिंह


—राम मंदिर के चंदे, दानपात्र चोरी और जमीन घोटाले पर आप सांसद ने सरकार को घेरा

—भ्रष्ट ट्रस्ट को तत्काल भंग कर ईमानदार लोगों को जिम्मेदारी सौंपने की मांग

वाराणसी, 15 जून (हि.स.)। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोमवार को वाराणसी में आयोजित प्रेस वार्ता में राम मंदिर ट्रस्ट, दानपात्र चोरी, चढ़ावे में कथित भ्रष्टाचार और जमीन खरीद मामले को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला। सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि प्रभु श्री राम के नाम पर करोड़ों हिंदुओं की आस्था के साथ विश्वासघात किया जा रहा है। अयोध्या में राम मंदिर के दानपात्र और चढ़ावे में करोड़ों रुपये की चोरी के मामले सामने आने के बाद अब एक और बड़ा घोटाला उजागर हुआ है, जिसमें 2 करोड़ 92 लाख 86 हजार रुपये मूल्य की नजूल जमीन को 24 करोड़ रुपये में खरीदा गया।

संजय सिंह ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों की गिरफ्तारी, ट्रस्ट को भंग करने और ईमानदार लोगों को जिम्मेदारी सौंपने की मांग की। संजय सिंह ने कहा कि आज बाबा विश्वनाथ की धरती काशी से वह उन महापापियों का पर्दाफाश कर रहे हैं जो प्रभु श्री राम के नाम पर, राम मंदिर के नाम पर और श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे के नाम पर महापाप कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अयोध्या की गाटा संख्या 247 की 0.645 हेक्टेयर भूमि को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के उप जिलाधिकारी द्वारा 22 जुलाई 2024 को जारी दस्तावेज स्पष्ट रूप से बताते हैं कि यह नजूल भूमि है। नजूल भूमि सरकारी जमीन होती है और उसका क्रय-विक्रय तब तक नहीं किया जा सकता जब तक उसे विधिवत फ्री होल्ड न किया गया हो। संजय सिंह ने कहा कि सरकारी अभिलेखों के अनुसार इस भूमि का मूल्य 2 करोड़ 92 लाख 86 हजार रुपये था, लेकिन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय द्वारा इसे 24 करोड़ रुपये में खरीद लिया गया। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति तीन करोड़ की जमीन को चार, छह, नौ या बारह करोड़ रुपये में खरीद ले तो भी सवाल उठ सकते हैं, लेकिन 2 करोड़ 92 लाख की जमीन को सीधे 24 करोड़ रुपये में खरीदना करोड़ों श्रद्धालुओं के चंदे की खुली लूट है।

संजय सिंह ने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी उन्होंने अयोध्या में जमीन खरीद घोटाले का खुलासा किया था, जिसमें लगभग 2 करोड़ रुपये की जमीन कुछ ही मिनटों के भीतर साढ़े 18 करोड़ रुपये में खरीदी गई थी। उस समय भी चंपत राय का नाम सामने आया था। उस खुलासे के बाद ईडी पार्टी के लोगों ने उन्हें गालियां दीं, झूठा बताया और तरह-तरह के आरोप लगाए, लेकिन आज फिर वही लोग नए घोटाले में घिरे दिखाई दे रहे हैं।

वार्ता में पार्टी के वरिष्ठ नेता मुकेश सिंह, जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल, प्रदेश प्रवक्ता मनीष गुप्ता, जिला मीडिया प्रभारी घनश्याम पांडेय आदि भी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी