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मां विंध्यवासिनी की नगरी के लाल पेड़े का का स्वाद अब दुनिया चखेगी

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मां विंध्यवासिनी की नगरी के लाल पेड़े का का स्वाद अब दुनिया चखेगी


- ओडीओसी योजना में शामिल होने से कारोबारियों में खुशी, सरकार देगी प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग

मीरजापुर, 12 मई (हि.स.)। मां विंध्यवासिनी धाम की आस्था और कालीन उद्योग के लिए प्रसिद्ध मीरजापुर अब अपने खास स्वाद ‘लाल पेड़ा’ के जरिए अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। योगी सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ (ओडीओसी) योजना के तहत मीरजापुर के प्रसिद्ध लाल पेड़े को शामिल किया है। सरकार के इस फैसले से स्थानीय मिठाई कारोबारियों और कारीगरों में उत्साह का माहौल है।

जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि लाल पेड़ा कारोबार को बढ़ावा देने के लिए विशेष सेल गठित किया जाएगा। यह सेल कारोबारियों को बैंक लोन, आर्थिक सहायता और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगी। साथ ही छोटे स्तर पर काम कर रहे कारीगरों को संगठित कर उन्हें बड़े उद्यमी के रूप में विकसित करने की योजना है।

उन्होंने बताया कि लाल पेड़ा बनाने वाले कारीगरों को आधुनिक पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, स्वच्छता और लंबी शेफ लाइफ से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि यह पारंपरिक मिठाई देश ही नहीं विदेशों के बाजारों तक भी पहुंच सके। जिले में इस समय लाल पेड़ा बनाने की 65 से अधिक इकाइयां संचालित हैं, जिनसे 400 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला हुआ है।

त्योहारों और धार्मिक आयोजनों में बढ़ जाती है मांग

पेड़ा कारोबारी राजाराम ने बताया कि लाल पेड़ा पूरी तरह दूध से तैयार होने वाली पारंपरिक मिठाई है। इसकी खास खुशबू और मुलायम स्वाद लोगों को बेहद पसंद आता है। खासकर त्योहारों, शादी-विवाह और धार्मिक आयोजनों के दौरान इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है। कारोबारियों का मानना है कि सरकार की इस पहल से मीरजापुर के लाल पेड़े को नई पहचान और बड़ा बाजार मिलेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा