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देवी जयंती पर विंध्यधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, पैदल पहुंचे हजारों श्रद्धालु

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देवी जयंती पर विंध्यधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, पैदल पहुंचे हजारों श्रद्धालु


देवी जयंती पर विंध्यधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, पैदल पहुंचे हजारों श्रद्धालु


मीरजापुर, 30 अगस्त (हि.स.)। देवी जयंती के पावन पर्व पर रविवार को मां विंध्यवासिनी के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट खुले तो मां के जयकारों से पूरा विंध्यधाम गूंज उठा। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और सुबह से देर रात तक दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं।

श्रद्धालु नारियल, चुनरी, माला, फूल और अन्य पूजन सामग्री लेकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। गर्भगृह में दर्शन के लिए गेट नंबर दो और झांकी दर्शन के लिए गेट नंबर तीन से भक्तों की कतार लगी रही। मध्यान्ह, संध्या और बड़ी आरती के दौरान कपाट बंद होने के बाद भी श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहा। मां विंध्यवासिनी के दर्शन के साथ भक्तों ने महाकाली, पंचमुखी महादेव, दुर्गा देवी और अन्नपूर्णा मंदिर में भी मत्था टेका। मौसम सुहाना होने से महाकाली खोह और अष्टभुजा मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

प्रयागराज से पैदल पहुंचे हजारों भक्त

देवी जयंती पर प्रयागराज से हजारों श्रद्धालु कई टोलियों में पैदल यात्रा कर विंध्यधाम पहुंचे। भक्त डीजे की धुन पर नाचते-गाते और मां की भक्ति में झूमते नजर आए। कई टोलियां ट्रैक्टर पर मां की आकर्षक झांकी सजाकर पहुंचीं। पाली सुमतिया गांव से जिले की सीमा में प्रवेश करते ही करीब तीन किलोमीटर लंबा भक्तों का रेला नजर आया। जिगना, बिहसड़ा और गैपुरा बाजारों में लोग सड़क किनारे खड़े होकर इस भव्य दृश्य को देखते रहे।

श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह भंडारे और चाय-पानी की व्यवस्था की गई। विंध्य क्षेत्र के होटल और धर्मशालाएं पहले ही भर चुकी थीं। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिसकर्मियों के साथ विंध्य पंडा समाज के लोग भी मुस्तैद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा