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पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाए जाने की मांग को लेकर सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने किया कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन

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पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाए जाने की मांग को लेकर सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने किया कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन


-डीएम पुलकित गर्ग को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन

चित्रकूट, 27 अप्रैल (हि.स.)। समय से चुनाव न होने की संभावना को देखते हुए पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर प्रधानों ने लामबंदी दिखाई है। साेमवार काे जिला पंचायत परिसर में एकत्र होने के बाद लामबंद प्रधान अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर पड़े। नारेबाजी के साथ प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट में जिला पंचायत अध्यक्ष व सभी ब्लाक प्रमुखों के साथ प्रधानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम पुलकित गर्ग को सौंपा।

अखिल भारतीय प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष सुनील शुक्ला की अगुवाई में जिले के सभी प्रधान जिला पंचायत परिसर में एकत्र हुए। यहां पर सभी ने बैठक कर समय से चुनाव न होने की संभावना को देखते हुए प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग बुलंद की। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, ब्लाक प्रमुख मानिकपुर अरविंद मिश्र, पहाड़ी सुशील द्विवेदी, कर्वी गुलाब सिंह, रामनगर गंगाधर मिश्र आदि समेत सभी प्रधान कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां प्रधानों ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम पुलकित गर्ग को सौंपा।

अवगत कराया कि प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों आगामी 26 मई व 19 जुलाई को समाप्त हो रहा है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए निर्धारित समय के भीतर पंचायत चुनाव व्यवहारिक रुप से संपन्न होते नहीं नजर आ रहे हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण में बिलंब, समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की प्रक्रिया का लंबित होना तथा सुप्रीमकोर्ट से निर्धारित ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया अभी अपूर्ण है।

इन सभी तथ्यों से स्पष्ट है कि जरुरी विधिक औपचारिकताओं की पूर्ति के बिना चुनाव कराना न तो न्यायोचित होगा और न ही स्थायी रुप से स्वीकार्य है। ऐसी स्थिति में अगर निर्वाचित पंचायतों की जगह प्रशासकों की नियुक्ति होती है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत होगा। क्योंकि पूर्व में प्रशासकों की नियुक्ति के दौरान अनेक स्थानों पर पारदर्शिता की कमी, जवाबदेही का अभाव तथा वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थी। जबकि ग्राम प्रधान एवं अन्य पंचायत प्रतिनिधि सीधे जनता से निर्वाचित होते हैं। वह अपने क्षेत्र की जनता के प्रति उत्तरदायी होते हुए स्थानीय समस्याओं एवं जरुरतों की गहरी समझ रखते है। वह अपने दायित्वों का निर्वहन अधिक पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व के साथ करते है।

मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तराखंड में भी समान परिस्थितियों में निर्वाचित प्रतिनिधियों को कार्यभार सौंपकर लोकतांत्रिक निरंतरता बनाए रखने के उदाहरण है। मांग किया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए निर्धारित समय पर चुनाव न होने की संभावना पर त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल संबंधित अवधि के लिए बढ़ाया जाए।

प्रदर्शन में कर्वी ब्लाक अध्यक्ष विष्णुकांत पांडेय, पहाड़ी अभिलाष पटेल, रामनगर पुष्पलता सिंह, मानिकपुर जगदीश पटेल, मऊ प्रभात पांडेय, मीडिया प्रभारी विपिन मिश्रा, मीना देवी, साधना सिंह, चंदन सिंह, रामानंद, राज कुमार, रामआसरे, रामबाबू, दीपशिखा, राजेन्द्र सिंह, भीम पांडेय, ऊषा सिंह, इंद्रजीत, उर्मिला देवी, रामनारायण, अनीता सिंह, रामनाथ, रामशरण त्रिपाठी आदि प्रधान शामिल रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रतन पटेल