home page

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गौ रक्षा यात्रा एक राजनीतिक प्रोपेगेंडा - शशांक शेखर

 | 
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गौ रक्षा यात्रा एक राजनीतिक प्रोपेगेंडा - शशांक शेखर


वाराणसी,08 मार्च(हि.स.)। द बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के विधि प्रकोष्ठ में काशी क्षेत्र संयोजक शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि गौ-संरक्षण भारतीय संस्कृति,आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे विषयों पर समाज को भ्रमित करने या राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से अभियान चलाना उचित नहीं कहा जा सकता। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा उत्तर प्रदेश में गौ-रक्षा के नाम पर जो यात्रा प्रारंभ की गई है,वह वास्तविक संरक्षण से अधिक एक राजनीतिक प्रोपेगेंडा प्रतीत होती है।

शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि यदि किसी धार्मिक पीठ या संत द्वारा गौ-संरक्षण की चिंता व्यक्त की जाती है तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए, किंतु यह भी आवश्यक है कि उस चिंता का वास्तविक कार्यों में भी प्रतिबिंब दिखाई दे। जिस पीठ पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्वयं को स्थापित करने का दावा किया है,उस पीठ की ओर से अब तक गौ-संरक्षण के लिए कोई ठोस योजना, गौशाला निर्माण, निराश्रित गौवंश के संरक्षण की व्यवस्था या ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा कोई स्थायी मॉडल सामने नहीं आया है। यदि वास्तव में गौ-संरक्षण की चिंता होती,तो उस पीठ के संसाधनों और सामाजिक प्रभाव का उपयोग देशभर में गौ-सेवा की ठोस योजनाओं के माध्यम से किया जा सकता था।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / शरद