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लहुरियादह में रातभर गूंजती रही हाथियों की चिंघाड़, दहशत में जागते रहे ग्रामीण

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लहुरियादह में रातभर गूंजती रही हाथियों की चिंघाड़, दहशत में जागते रहे ग्रामीण


- मक्का की फसल रौंदी, मचान और चारपाई तोड़ी; पगहा तोड़कर भागीं नौ भैंसों में एक अब भी लापता

मीरजापुर, 03 सितंबर (हि.स.)। ड्रमंडगंज वनरेंज के जंगलों में डेरा डाले हाथियों के जोड़े ने बुधवार रात लहुरियादह गांव की यादव बस्ती में पहुंचकर जमकर उत्पात मचाया। करीब रात आठ बजे कटरा जंगल से निकलकर हाथी और हथिनी नचकऊ यादव के खेत में पहुंच गए। दोनों ने करीब एक बीघा मक्का की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया। फसल की रखवाली के लिए बनाया गया मचान भी तहस-नहस कर दिया और चारपाई तोड़ डाली। हाथियों के बस्ती में पहुंचने से ग्रामीणों में पूरी रात दहशत बनी रही।

हाथियों की आहट मिलते ही खेत के पास खूंटे से बंधी नचकऊ यादव की नौ भैंसें पगहा तोड़कर जंगल की ओर भाग गईं। इनमें आठ भैंस वापस लौट आईं, जबकि एक का गुरुवार तक पता नहीं चल सका। नचकऊ यादव ने बताया कि हाथियों का जोड़ा घर से करीब तीन सौ मीटर दूर खेत में पहुंचा था।

इसके बाद हाथियों ने ज्ञानवती, रानी यादव और गुलबिया के खेतों में भी घुसकर मक्का की फसल रौंद दी। ग्रामीणों के अनुसार कई जगह फसल के साथ टटिया भी उजाड़ दी । रानी यादव ने बताया कि हाथियों के डर से गांव के लोग पूरी रात जागते रहे। ज्ञानवती, चिंता और लालबहादुर यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के बस्ती में पहुंचने से हर कोई भयभीत था।

वन विभाग की टीम पूरी रात गांव में निगरानी करती रही। रेंजर रविशंकर शर्मा, वन दरोगा सर्वेश्वर पटेल, वनरक्षक अनादि नाथ तिवारी समेत कर्मचारियों ने ग्रामीणों को घरों से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी। राहत की बात रही कि हाथियों ने घरों के बाहर बंधे मवेशियों को नुकसान नहीं पहुंचाया। भोर में हाथियों का जोड़ा वापस कटरा जंगल की ओर चला गया।

रेंजर रविशंकर शर्मा ने बताया कि गुरुवार को छठवें दिन हाथी और हथिनी कटरा जंगल से आगे प्रयागराज जिले के कोरांव वनरेंज के जंगलों की ओर चले गए हैं। जीपीएस ट्रैकर के माध्यम से दोनों की लगातार लोकेशन पर नजर रखी जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा