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पर्यटन परियोजनाओं के लंबित एस्टीमेट 31 अक्टूबर तक करें जमा, समय पर शुरू होंगे विकास कार्य: जयवीर सिंह

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पर्यटन परियोजनाओं के लंबित एस्टीमेट 31 अक्टूबर तक करें जमा, समय पर शुरू होंगे विकास कार्य: जयवीर सिंह


-मंत्री जयवीर सिंह ने की पर्यटन एवं संस्कृति परियोजनाओं की समीक्षा

-लखनऊ के लोक कला संग्रहालय में बनेगा चिल्ड्रेन एक्टिविटी जोन, वर्कशॉप के लिए भी मिलेंगी जगहें

-केडी सिंह बाबू स्मारक एवं संग्रहालय दिसंबर तक होगा तैयार, पूरी हो चुकी परियोजनाओं पर लगेंगे शिलालेख

-616 पर्यटन परियोजनाएं कार्यदायी संस्थाओं से हस्तांतरित, परंपरा केंद्रों और वार्षिक कार्ययोजना की भी समीक्षा

लखनऊ, 28 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को 31 अक्टूबर तक सभी लंबित एस्टीमेट जमा करने के निर्देश दिए हैं। वर्ष 2026-27 की पर्यटन कार्ययोजना के तहत 511 परियोजनाओं के एस्टीमेट तैयार किए जाने हैं, जिनमें से 260 प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 251 अभी बाकी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तय समय में एस्टीमेट उपलब्ध कराए जाएं, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी न हो। इस योजना में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की 22 परियोजनाएं भी शामिल हैं।

पर्यटन मंत्री ने अपर मुख्य सचिव एवं पर्यटन महानिदेशक अमृत अभिजात के साथ बैठक में संग्रहालयों के विकास, पर्यटक सुविधाओं, सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यटन संपत्तियों के संचालन की समीक्षा की। झांसी, फिरोजाबाद, वाराणसी, देवरिया, बिजनौर और सुल्तानपुर में विकसित हो रहे संग्रहालयों की प्रगति पर चर्चा हुई। फिरोजाबाद में ग्लास म्यूजियम, वाराणसी के लमही में मुंशी प्रेमचंद स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय तथा बिजनौर में कवि दुष्यंत कुमार के पैतृक आवास पर प्रस्तावित संग्रहालय की तैयारियों की समीक्षा की गई। मंत्री ने सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने को कहा।

पर्यटन स्थलों की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत से पर्यटकों को परिचित कराने के लिए पूरी हो चुकी परियोजनाओं पर शिलालेख लगाने के निर्देश दिए गए। सूचना पटों पर क्यूआर कोड के माध्यम से संबंधित स्थल के इतिहास, धार्मिक महत्व और स्थानीय परंपराओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए जिलों से स्वीकृत सामग्री को पर्यटन विभाग की वेबसाइट से जोड़ा जा रहा है। फिरोजाबाद के ग्लास म्यूजियम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए इटली के ग्लास म्यूजियम से प्रेरणा लेने पर जोर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, देश के पहले समर्पित ग्लास म्यूजियम के रूप में विकसित हो रही इस परियोजना में कांच की कला, शिल्प और विरासत को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा।

बाराबंकी में हॉकी खिलाड़ी केडी सिंह बाबू के पैतृक आवास पर बन रहे स्मारक एवं संग्रहालय को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, लखनऊ के लोक कला संग्रहालय को करीब 14.99 करोड़ रुपये से विकसित किया जाएगा। इसमें अतिरिक्त दीर्घाएं, बच्चों के लिए गतिविधि क्षेत्र, कार्यशालाओं के स्थान, बेहतर लैंडस्केपिंग और लोक कला से जुड़ी कलात्मक संरचनाएं बनाई जाएंगी। बैठक में लखनऊ के नौसेना शौर्य संग्रहालय, आगरा के छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय और महोबा के सूर्य मंदिर इंटरप्रिटेशन सेंटर एवं तारामंडल की क्यूरेटोरियल तैयारियों की भी समीक्षा हुई।

पर्यटन सुविधाओं के संचालन के लिए विभाग ने कार्यदायी संस्थाओं से 616 परियोजनाएं हस्तांतरित किए जाने की जानकारी दी। सिद्धार्थनगर के कपिलवस्तु में 27 अक्टूबर को संचालन संबंधी समझौते के बाद चयनित एजेंसी को कॉटेज, डॉरमेट्री और पर्यटक सूचना सुविधाएं सौंप दी गईं। यहां बुद्ध थीम पार्क, साउंड एंड लाइट शो, पार्किंग, शौचालय और बेहतर संपर्क सुविधाओं वाला एकीकृत बौद्ध पर्यटन परिसर भी विकसित किया जा रहा है। संकिसा में विपश्यना एवं पर्यटक सुविधा केंद्र का निर्माण शुरू हो गया है, जबकि बहराइच में महाराजा सुहेलदेव स्मारक के संचालन का समझौता भी पूरा हो चुका है। उन्नाव के बक्सर स्थित मां चंद्रिका देवी गेस्ट हाउस और बदरीनाथ स्थित उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के गेस्ट हाउस के संचालन के लिए एजेंसियां चुनी गई हैं।

लखनऊ, सीतापुर, बरेली, चित्रकूट, प्रयागराज और वाराणसी में प्रस्तावित परंपरा केंद्रों के लिए भूमि और उपयुक्त स्थल की पहचान जिला प्रशासन के समन्वय से की जाएगी। वहीं, 'रंग यूपी' पहल के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में तहसील स्तर पर सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित करने की योजना है। इसका उद्देश्य युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, सांस्कृतिक नवाचार को प्रोत्साहित करने और आजीविका के अवसर विकसित करना है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को भी इससे जोड़ने का सुझाव दिया गया। लखनऊ में संस्कृति भवन और भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के नए परिसर के लिए भूमि संबंधी योजना की समीक्षा हुई। पर्यटन मैट्रिक्स में सभी 75 जिलों का विवरण दर्ज किया जा चुका है।

ऐतिहासिक स्थलों को शाम के समय भी आकर्षक बनाने के लिए फतेहपुर सीकरी के जोधाबाई महल में 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग और साउंड एंड लाइट शो का काम 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है। संबंधित मार्गों और महल की रोशनी का काम 78 प्रतिशत पूरा है। वाराणसी की काशी-सारनाथ हेरिटेज स्ट्रीटस्केप परियोजना को स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत 37.15 करोड़ रुपये की स्वीकृति 29 सितंबर को मिली थी। कार्यदायी संस्था के चयन का प्रस्ताव 22 अक्टूबर को राज्य सरकार को भेजा गया। आगरा और मथुरा के हेलीपोर्ट संचालन पर भी चर्चा हुई। इसके लिए 29 अक्टूबर को संबंधित डेवलपर के साथ बैठक निर्धारित की गई है।

बैठक में अयोध्या के दीपोत्सव और वाराणसी की देव दीपावली की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अयोध्या में देश-विदेश की रामलीला प्रस्तुतियों, विभिन्न स्थलों पर लोक कला कार्यक्रमों और सांस्कृतिक संस्थानों की प्रदर्शनियों की योजना है। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने, स्थानीय विरासत की जानकारी पर्यटकों तक पहुंचाने और पर्यटन संपत्तियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने पर जोर दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा