सुलतानपुर में संजय व समर्थकों पर धरना-प्रदर्शन एवं तोड़फाेड़ मामले में तीन केस दर्ज
सुलतानपुर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर मे सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर संजय यदुवंशी और उनके समर्थकों की प्रदर्शन के दौरान हड़दंग व अराजकता पर पुलिस ने सख्त कार्यवाही की है। कोतवाली नगर में शुक्रवार रात एक के बाद एक तीन मुकदमे पुलिस ने दर्ज किए हैं। इसमें बाबा साहब अम्बेडकर के चित्र को फाड़कर फेंकने और पैरों तले कुचलने, सार्वजनिक सम्पति को नुकसान पहुंचाने और धार्मिक एवं सामाजिक भावनाएं आहत होने की धाराएं शामिल हैं।
पुलिस द्वारा दर्ज किए गए तीनों केस में पहला केस नगर पालिका कर्मचारी, दूसरा केस शहर निवासी एक व्यक्ति और तीसरा केस भारत विकास परिषद के अध्यक्ष की तहरीर पर लिखा गया है। पहले मामले में संजय यदुवंशी समेत 250 अज्ञात पर सार्वजनिक सम्पति को नुकसान पहुंचाने की धाराएं लगाई गई हैं। दूसरे मामले में संजय समेत 4 नामजद लोगों पर जान बूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने व SC/ST की धारा लगाई गई है जबकि तीसरे मुकदमे में बिना अनुमति भीड़ जमा करने व जान बूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का संजय यदुवंशी समेत 12 नामजद और 25 अज्ञात पर अभियोग दर्ज किया गया है।
नगर पालिका परिषद के तिकोनिया पार्क प्रभारी सुशील कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर पहला केस दर्ज हुआ। इसमें प्रदर्शन के दौरान उग्र समर्थकों द्वारा तिकोनिया पार्क की बाउन्ड्रीवाल, स्वामी विवेकानंद पार्क में स्थित स्टेनलेस स्टील से बनी बाउन्ड्री और गेट को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पार्क में लगी लोहे/स्टील की जाली को भी तोड़ने का आरोप है। नगर पालिका प्रशासन के आकलन के अनुसार, इस उपद्रव और तोड़फोड़ से स्थल पर लगभग ₹2.5 लाख की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान हुआ है।
दूसरे मामले में शहर के करौदिया निवासी सुभाष सोनकर का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान संजय रघुवंशी पुत्र सियाराम यादव, निवासी अहिरन का पुरवा उडरापुर, थाना धम्मौर, अंबुज यादव, साहजहान पठान और अनिल सहित कई अन्य लोगों द्वारा भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के चित्र को फाड़कर हवा में उड़ाया गया, सड़क पर फेंका गया तथा पैरों तले कुचला गया। इस कृत्य से अनुसूचित जाति/जनजाति समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
वहीं तीसरा केस भारत विकास परिषद के अध्यक्ष एडवोकेट अभय शर्मा की तहरीर पर हुआ है। आरोप है कि यूट्यूबर संजय यदुवंशी के नेतृत्व में बिना प्रशासनिक अनुमति के सैकड़ों समर्थकों की भीड़ तिकोनिया पार्क में इकट्ठा हुई। प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने स्वामी विवेकानंद जी और भारत रत्न राजीव गांधी जी की प्रतिमाओं पर चढ़कर अनादर किया तथा तोड़फोड़ की। परिसर में लगे 'ओम' व 'स्वास्तिक' के धार्मिक चिन्हों और पार्क के गेट व रेलिंग को तोड़कर फेंक दिया, जिससे धार्मिक एवं सामाजिक भावनाएं आहत हुईं। डॉ. बी.आर. आंबेडकर की फोटो को फाड़कर फेंक दिया और देश की महान विभूतियों का अपमान करते हुए नारेबाजी की। पार्क के बाहर मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे आम जनता और स्कूली बच्चों को भारी आवागमन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
एसपी विनीत जायसवाल ने तीनों मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि किया है। उन्होंने बताया तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच की जा रही है। साक्षयों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दयाशंकर गुप्त

