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डिजिटल ट्रेल की जांच करेगी यूपी एसटीएफ : डीजीपी

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डिजिटल ट्रेल की जांच करेगी यूपी एसटीएफ : डीजीपी


डिजिटल ट्रेल की जांच करेगी यूपी एसटीएफ : डीजीपी


नोएडा, 13 अप्रैल (हि.स.)। नोएडा में श्रमिक आंदोलन से बिगड़ी स्थिति को देखते हुए पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों व उनके आसपास पुलिस की सक्रियता बढ़ाने के साथ ही शांति-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। शासन ने नोएडा में स्थिति को सामान्य बनाने के लिए श्रमिकों, प्रबंधन पक्ष तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ निरंतर वार्ता कर समन्वय बनाने का निर्देश दिया है।

डीजीपी ने राजीव कृष्ण ने सोमवार रात को कहा कि जो असामाजिक तत्व जानबूझकर अराजकता फैलाने, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाने तथा हिंसा-आगजनी के षड्यंत्र में लिप्त पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध उप्र शासकीय तथा सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। आरोपितों से क्षतिग्रस्त संपत्ति की वसूली भी होगी। डीजीपी व एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश पुलिस मुख्यालय स्तर से लगातार स्थितियों की निगरानी कर रहे हैं। नोएडा व आसपास के जिलों में पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि नोएडा में श्रमिक आंदोलन के चलते प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुविधा तथा यातायात को सुचारु रखने के लिए रूट डायवर्जन लागू किए जाने समेत अन्य निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्रों की ओर न जाएं तथा वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। शासन ने श्रमिकों की बात को संवेदनशीलता और गंभीरता से सुने जाने का निर्देश दिया है। डीजीपी ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य किसी भी पक्ष पर बल प्रयोग नहीं, बल्कि बातचीत, मध्यस्थता और शांतिपूर्ण समाधान को आगे बढ़ाना है। नोएडा व उससे जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। पर्याप्त संख्या में स्थानीय पुलिस बल, पीएसी, पैरामिलिट्री फोर्स, राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात हैं।

उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों पर भ्रामक, असत्य तथा उत्तेजक सूचनाएं प्रसारित कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। अब तक एक्स के दो हैंडल्स के विरुद्ध अफवाहें फैलाने के मामले को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। 50 से अधिक ऐसे बाट हैंडल चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें पिछले 24 घंटों के भीतर बनाया गया है और जो नोएडा में श्रमिकों से जुड़े मुद्दे पर अफवाह फैलाने और भ्रामक नैरेटिव गढ़ने का सुनियोजित प्रयास कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह एक संगठित षड्यंत्र लग रहा है। इन सभी हैंडल्स के डिजिटल ट्रेल की विस्तृत जांच एसटीएफ कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट सूचना, वीडियो, पोस्ट या संदेश पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी को ही सही मानें।

डीजीपी व एडीजी कानून-व्यवस्था ने सोमवार रात को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नोएडा के सभी थानाध्यक्षों, अधिकारियों तथा अन्य जिलों से नोएडा में कानून-व्यवस्था संभालने के लिए भेजे गए राजपत्रित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। डीजीपी ने कहा कि श्रमिक भाई-बहन पूर्ण शांति तथा संयम बनाए रखें। प्रदेश सरकार श्रमिक बंधुओं के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी