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धनतेरस पर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्रम् में भगवान धन्वंतरि का विधिवत पूजन-अर्चन

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धनतेरस पर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्रम् में भगवान धन्वंतरि का विधिवत पूजन-अर्चन


वाराणसी, 06 नवम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में धनतेरस के पावन पर्व पर शुक्रवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्रम् में आयुर्वेद के आराध्य देव भगवान धन्वंतरि का विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, निरोगी जीवन एवं समस्त विश्व के कल्याण की मंगलकामना की गई।

पूजन कार्यक्रम में छात्र कल्याण संकाय प्रमुख प्रो. शैलेश कुमार मिश्र ने वैदिक एवं पारंपरिक विधि से भगवान धन्वंतरि की आराधना की। उन्होंने कहा कि भगवान धन्वंतरि भारतीय आयुर्वेद परंपरा के प्रवर्तक एवं आराध्य देव हैं। धनतेरस का पर्व हमें स्वास्थ्य को जीवन की सबसे बड़ी संपदा मानने और निरोगी जीवन के प्रति सजग रहने का संदेश देता है।

प्रो. मिश्र ने कहा कि आयुर्वेद और योग भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर हैं। स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए दैनिक दिनचर्या में योग, आयुर्वेद, संयमित आहार और प्राकृतिक जीवनशैली को अपनाना आवश्यक है। भारतीय संस्कृति में ‘स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्, आतुरस्य विकार प्रशमनम्’ के सिद्धांत को विशेष महत्त्व दिया गया है। इसका मूल उद्देश्य स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना और रोगी के रोगों का शमन करना है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केवल व्यक्ति विशेष तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह परिवार, समाज और राष्ट्र की समृद्धि का आधार है। भगवान धन्वंतरि की आराधना हमें आरोग्य, सेवा, करुणा और ‘सर्वजन हिताय’ की भावना के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देती है।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की और सभी के स्वस्थ, सुखी एवं निरोगी जीवन के साथ विश्व कल्याण की प्रार्थना की। भगवान धन्वंतरि का विधिवत पूजन-अर्चन पुजारी डॉ. राजकुमार मिश्र ने संपन्न कराया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी