सीतापुर: बीएसए ने विद्यालय में अनियमितताओं काे लेकर प्रधानाचार्य काे किया निलंबित
सीतापुर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद सीतापुर के बीएसए गोरखनाथ पटेल ने शनिवार काे महमूदाबाद के विकासखंड पहला में कंपोजिट विद्यालय पचदेवरा भान में हुई अनियमिताओं के संबंध में सहायक अध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया वहीं तीन सदस्यीय जांच समिति की आख्या के आधार पर विद्यालय के पाँच कार्मिकों को कारण बताओं नोटिस भी जारी कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि विकासखंड पहला के अंतर्गत आने वाले कम्पोजिट विद्यालय पचदेवराभान में पिछले दिनों अव्यवस्थाओं की शिकायत जिला अधिकारी राजा गणपति आर तक पहुंची थी । दावा किया गया था कि इस विद्यालय में कॉपी और किताबें तथा कुछ अन्य सामग्री एक गड्ढे में दबा दी गई थी। बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखनाथ पटेल ने हिन्दुस्थान समाचार से बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने जब विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया, तो वहां पर कक्षाओं में साफ सफाई की कमी, सीटीवी लैब की सामग्री का उपयोग न किए जाने, मल्टीपल हैंड वॉश यूनिट क्रियाशील ना होने निर्धारित समय से पहले बच्चों को विद्यालय से छोड़ने, एवं मध्यान्ह भोजन तथा विद्यालय के आवश्यक अभिलेखों में कमियां पाए जाने सहित कई अनियमिताओं का उल्लेख किया गया था ।
इसी आख्या के आधार पर संबंधित सहायक अध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक संजीव तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पटेल ने बताया कि प्रकरण की संपूर्ण जांच हेतु कसमंडा के खंड शिक्षा अधिकारी अजय गुप्त मौर्य को जांच अधिकारी के तौर पर नामित किया गया है । उन्हें एक माह के भीतर तथ्यों सहित आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पांच अन्य कार्मिकों को नोटिस एवं वेतन रोकने के निर्देश
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विद्यालय के पांच अन्य कार्मिकों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन सभी का वेतन और मानदेय अग्रिम आदेशों तक पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ गोरखनाथ पटेल ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप विभाग में किसी भी शिक्षक, कार्मिक के द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सभी संबंधित एक सप्ताह के अंदर अपने साक्ष्यों और फोटोग्राफ के साथ बिंदुवार स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। यदि तय समयसीमा के भीतर जवाब नहीं मिलता है, तो नियमानुसार और भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Mahesh Sharma

