उद्धव-गोपी संवाद और रूक्मिणी विवाह कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
मीरजापुर, 24 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में ड्रमंडगंज क्षेत्र के मड़वा धनावल गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। अंबेडकर नगर से पधारे कथावाचक पंडित विजय कुमार शास्त्री ने उद्धव-गोपी संवाद और भगवान श्रीकृष्ण-रूक्मिणी विवाह की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया।
कथावाचक ने कहा कि भगवान निराकार होते हुए भी सृष्टि के कण-कण में विद्यमान हैं। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने ज्ञान के अहंकार को दूर करने के लिए उद्धव को ब्रज भेजा था, जहां गोपियों के निष्काम प्रेम और अटूट भक्ति को देखकर उद्धव भी भावविभोर हो गए और अपना ज्ञान भूल बैठे। यह प्रसंग भक्ति की सर्वोच्चता को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि भगवान का सच्चे मन से स्मरण करने मात्र से मनुष्य संसार रूपी भवसागर को पार कर सकता है। श्रीमद्भागवत कथा न केवल जीवन में आध्यात्मिक जागरूकता लाती है, बल्कि व्यक्ति को ईश्वर के प्रति समर्पण की प्रेरणा भी देती है।
कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण और रूक्मिणी विवाह की कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि यह प्रसंग प्रेम, विश्वास और धर्म की विजय का प्रतीक है। कथा के दौरान श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण करते रहे।
अंत में श्रीमद्भागवत महापुराण की आरती उतारी गई और भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर पंडित राजेंद्र प्रसाद मिश्र, सुमंत दुबे, कथा यजमान कमलेश्वर दुबे, ग्राम प्रधान रमेश सिंह, दिवाकर शुक्ल, श्रीकांत मिश्र, दिनेश तिवारी, घनश्याम श्रीवास्तव, रामचंद्र पाल, मंगला दुबे, पवन तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

