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देश के हर जिले में कराएंगे श्रीविद्या कोटी कुमकुमार्चन महायज्ञ : स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी

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देश के हर जिले में कराएंगे श्रीविद्या कोटी कुमकुमार्चन महायज्ञ : स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी


- दो करोड़ बार गूंजा श्रीललिता सहस्रनाम, विश्व कल्याण के लिए हुआ शक्ति साधना का महासंकल्प

मीरजापुर, 09 जून (हि.स.)। मां विंध्यवासिनी की पावन नगरी विंध्याचल से अब श्रीविद्या साधना का संदेश देश के कोने-कोने तक पहुंचेगा। श्रीविद्या कोटी कुमकुमार्चन महायज्ञ के समापन अवसर पर स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने घोषणा की कि आने वाले समय में देश के प्रत्येक जिले में इस महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा, ताकि शक्ति साधना और सनातन संस्कृति की चेतना घर-घर तक पहुंच सके।

उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी आध्यात्मिक परंपरा और सनातन संस्कृति में निहित है। श्रीविद्या साधना केवल व्यक्तिगत कल्याण का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र और विश्व कल्याण का भी मार्ग है। जब घर-घर में देवी उपासना होगी तो समाज में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और सांस्कृतिक जागरण का विस्तार होगा।

विंध्याचल में आयोजित दो दिवसीय श्रीविद्या कोटी कुमकुमार्चन महायज्ञ में मंगलवार को श्रद्धा और शक्ति साधना का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। आयोजन के दौरान श्रीललिता सहस्रनाम के एक करोड़ पाठ का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी के कारण दो करोड़ बार मंत्रोच्चार और कुमकुम अर्चन संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रों, शंखनाद और देवी स्तुति से पूरा विंध्यधाम आध्यात्मिक ऊर्जा से गुंजायमान रहा।

देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं, सुहासिनी महिलाओं और विद्वान आचार्यों ने विशेष कुमकुम से माता ललिता त्रिपुरसुंदरी का पूजन-अर्चन किया। आयोजन में विश्व शांति, मानव कल्याण, राष्ट्र की उन्नति और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सकारात्मक ऊर्जा पहुंचाने का संदेश दिया गया। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के संरक्षण में संपन्न यह 50वां श्रीविद्या महायज्ञ था।

कश्मीर से कन्याकुमारी तक जोड़ेगा शक्ति साधना का सूत्र

समापन समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी देवी उपासना और सनातन संस्कृति के माध्यम से कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश को एकसूत्र में पिरोने का कार्य कर रहे हैं। राष्ट्र निर्माण और विश्व शांति के लिए ऐसे आयोजन प्रेरणास्रोत हैं। युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने युवाओं से सांस्कृतिक और सामाजिक जागरण के अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

10 हजार गौमाताओं के वितरण का किया एलान

स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि गौसंवर्धन भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। उन्होंने घोषणा की कि देशभर में किसान और श्रमिक परिवारों के बीच 10 हजार गौमाताओं का वितरण किया जाएगा। इससे जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ गौसेवा की परंपरा को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत को सशक्त बनाए बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा