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संस्कार, संस्कृति और परंपराओं के बल पर विश्व में बढ़ेगा भारत का मान: अनिल कुमार

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संस्कार, संस्कृति और परंपराओं के बल पर विश्व में बढ़ेगा भारत का मान: अनिल कुमार


मीरजापुर, 27 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार ने कहा कि भारत को विश्व में अग्रणी बनाने के लिए अपनी सभ्यता, संस्कृति, सनातन परंपराओं और संस्कारों पर अडिग रहना होगा। महापुरुषों ने देश और समाज के लिए अपना सर्वस्व अर्पित किया। उनकी जयंतियां जाति के बंधन से ऊपर उठकर सर्वसमाज को मिलकर मनानी चाहिए, ताकि उनके आदर्श नई पीढ़ी तक पहुंच सकें।

वह सोमवार रात महंत शिवाला स्थित फन सिटी लॉन में आयोजित शरद पूर्णिमा उत्सव एवं महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत भगवा ध्वजारोहण और महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्पार्चन से हुई। क्षेत्र प्रचारक ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपराएं आज भी जीवंत हैं। दुर्गा पूजा, गणेशोत्सव और छठ जैसे पर्व अब देश के विभिन्न हिस्सों में मनाए जाते हैं। उन्होंने महर्षि अरविंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन का उत्थान भारत का उत्थान है। उन्होंने संत रविदास की जयंती को भी सर्वसमाज की सहभागिता से मनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी संस्कृति और परंपराओं से है। इन्हें अगली पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है। अपने उद्बोधन में उन्होंने अनुशासन, साहस और सामाजिक एकता पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में करीब पांच सौ स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। बाल, तरुण और वयस्क स्वयंसेवकों ने अलग-अलग समूहों में खेल, योग और व्यायाम का अभ्यास किया। शाखा के समापन पर शरद पूर्णिमा की खीर वितरित की गई। इस दौरान काशी प्रांत के प्रांत संघचालक अंगराज, नगर संघचालक अशोक सोनी, विभाग प्रचारक कौशल किशोर, विभाग कार्यवाह सच्चिदानंद त्रिपाठी समेत संघ के कई पदाधिकारी और स्वयंसेवक मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा