home page

सरकार के आधुनिक पुस्तकालय में पढ़ाई कर छात्रा ज्योति पुलिस सेवा में भर्ती, बेटियों के लिए बनी राेल मॉडल

 | 
सरकार के आधुनिक पुस्तकालय में पढ़ाई कर छात्रा ज्योति पुलिस सेवा में भर्ती, बेटियों के लिए बनी राेल मॉडल


फिरोजाबाद, 21 मई (हि.स.)। शासन और प्रशासन के ‘युवा सशक्तिकरण‘ और ग्रामीण विकास के विजन के तहत जनपद फिरोजाबाद के ग्राम पंचायत सुरेल नगला कांछी में बने आधुनिक पुस्तकालय में पढ़ाई कर यहां की छात्रा ज्योति ने पुलिस सेवा में भर्ती होकर नया मुकाम हासिल किया है। ज्योति न केवल खाकी वर्दी पहनकर अपने परिवार का नाम रोशन कर रही है, बल्कि वह पूरे क्षेत्र की बेटियों के लिए एक रोल मॉडल बन चुकी है।

सफलता की यह कहानी फिरोजाबाद की जसराना ब्लॉक के छोटे से गांव 'सुरेल नगला कांछी' की रहने वाली कुमारी ज्योति शाक्य की। ज्योति के पिता देवेन्द्र सिंह एक साधारण पृष्ठ भूमि से आते हैं, ग्रामीण परिवेश में रहने वाली ज्योति की आंखों में वर्दी पहनने और देश की सेवा करने का एक बड़ा सपना था, लेकिन इस सपने और हकीकत के बीच बुनियादी संशाधनों, प्रतियोगी किताबों और पढ़ाई के लिए एकांत माहौल की भारी कमी थी, इस कारण अक्सर ग्रामीण क्षेत्र के युवा कोचिंग और पुस्तकालय के लिए बडे़ शहरों का रूख करते है, लेकिन आर्थिक बोझ उठाना हर परिवार के बस की बात नही होती।

उत्तर प्रदेश शासन और प्रशासन के ‘युवा सशक्तिकरण‘ और ग्रामीण विकास के विजन के तहत ग्राम पंचायत सुरेल नगला कांछी में एक आधुनिक पुस्तकालय की स्थापना की गयी, इस पुस्तकालय का उददेश्य सीधा और साफ था, कि गांव के आखरी छोर पर बैठे युवा को भी वही संशाधन मिलें, जो किसी बडे़ शहर के छात्र को मिलते है। इस डिजिटल और सर्व सुविधा युक्त पुस्तकालय ने ज्योति के संघर्ष को नया मोड़ दिया, अब ज्योति को प्रतियोगी परिक्षाओं के लिए आवश्यक सभी मानक पुस्तकें यहां निःशुल्क उपलब्ध थी, यहां पर आए अन्य युवाओं के साथ बैठकर पढ़ने से एक स्वस्थ्य प्रतियोगी माहौल तैयार हुआ, साथ ही साथ ज्योति का शहर आने-जाने का समय और खर्च दोनो बच गया, जिससे ज्योति पूरा ध्यान पढाई पर केन्द्रित कर सकी।

प्रशासन द्वारा दिए गए इस बेहतरीन मंच का ज्योति ने पूरा लाभ उठाया, घण्टों पुस्तकालय में बैठकर कठोर परिश्रम, सही दिशा में की गयी पढाई और दृढ़ संकल्प के दम पर ज्योति ने प्रदेश पुलिस की परीक्षा को सफलतापूर्वक पास कर दिखाया।

इस बात का यह सबसे बड़ा सबूत है कि यदि शासन की नीतियां सही हो और प्रशासक का रवैया युवाओं के प्रति समर्पित हो, तो गांव की मिट्टी से ही देश के सबसे बेहतरीन सिपाही, अफसर, और कर्णधार तैयार किए जा सकते है, यह पुस्तकालय आज सिर्फ एक इमारत नही, बल्कि ग्रामीण युवाओं के सपनों के सच होने का आधुनिक मन्दिर बन चुका है।

हिन्दुस्थान समाचार / कौशल राठौड़