रंगभरी एकादशी पर उमड़ा आस्था का सागर, जयकारों से गूंजा विंध्यधाम
मीरजापुर, 27 फरवरी (हि.स.)। फागुन शुक्ल पक्ष की रंगभरी एकादशी पर शुक्रवार को मां विंध्यवासिनी के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। जगत जननी के जयकारों से संपूर्ण देवी धाम गुंजायमान हो उठा। भोर की आरती से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। अनुमान है कि चार लाख से अधिक भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई।
सुबह मंगला आरती और भव्य श्रृंगार के पूर्व ही विंध्य की गलियां श्रद्धालुओं से पट गई थीं। गंगा घाटों पर स्नान-ध्यान के बाद भक्त नारियल, चुनरी, रोरी-रक्षा और प्रसाद लेकर मंदिर की लंबी कतारों में खड़े हो गए। किसी ने झांकी से तो किसी ने गर्भगृह में पहुंचकर विधि-विधान से पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर स्थित हवन कुंड और गुंबद की परिक्रमा के लिए भी भक्तों की लंबी कतारें दिखीं।
मां विंध्यवासिनी के दर्शन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु अष्टभुजा पहाड़ पर विराजमान अष्टभुजा देवी और महाकाली मंदिर पहुंचे। फूलों से सजे मंदिरों की अलौकिक छटा और मां के दिव्य श्रृंगार ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। मंदिर की छत पर जोगिया वस्त्र धारण किए साधक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अनुष्ठान में लीन दिखे। घंटा-घड़ियाल, शंख और डमरू की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। श्री विंध्य पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि रंगभरी एकादशी पर चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया।
जाम से जूझता रहा विंध्यधाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते अटल चौक से बंगाली चौराहा, गोपीगंज बस स्टैंड, पटेगरा नाला पुल और मोतीझील मार्ग सहित प्रमुख रास्तों पर जाम की स्थिति बनी रही। हालांकि पुलिस व पीएसी के जवानों ने जगह-जगह बैरिकेडिंग कर यातायात को नियंत्रित किया। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन में सहूलियत मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

