रक्षाबंधन एवं बारावफात को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त, डीजीपी ने मातहतों को दिए निर्देश
— अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टाॅलरेंस की नीति का दैनिक अपराध नियंत्रण में प्रयोग होना चाहिये
लखनऊ, 25 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने रक्षाबंधन त्योहार, बारावफात के मद्देनजर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में की। इस ऑनलाइन बैठक में प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी तक जुड़े रहे।
डीजीपी ने प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के संबंध में समस्त पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जीरो टॉलरेंस के उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्राथमिकता वाले अपराधों एवं संवेदनशील विषयों के प्रति निरंतर सतर्कता, नियमित समीक्षा, त्वरित कार्रवाई और प्रभावी जवाबदेही सुनिश्चित करने की कार्यप्रणाली को संस्थागत रूप से सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है। इसके लिए जरूरी है कि महत्वपूर्ण एवं जनभावना को प्रभावित करने वाले मामलों की नियमित रूप से समीक्षा तथा प्रत्येक प्रकरण में तथ्यों के आधार पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि जनपद, रेंज एवं जोन स्तर पर एक प्रभावी तंत्र विकसित करते हुए प्राथमिकता वाले मामलों की दैनिक आधार पर समीक्षा एवं मॉनिटरिंग की जाए। इसके अंतर्गत विशेष रूप से लूट, डकैती, छिनैती, छेड़खानी, महिला संबंधी अपराध, धर्म परिवर्तन अथवा लव जिहाद से संबंधित प्रकरण, गोवध एवं गो-तस्करी आदि मामलों पर विशेष सतर्कता रखी जाए तथा प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाये।
फेक एवं भ्रामक समाचारों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निर्देशित किया गया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं विशेष रूप से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं की प्रभावी एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। ऐसी किसी भी सूचना के संज्ञान में आते ही उसके तथ्यों का तत्काल सत्यापन किया जाए तथा सूचना सही पाए जाने पर अपेक्षित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सोशल मीडिया अथवा अन्य किसी माध्यम से फर्जी, भ्रामक अथवा जानबूझकर तथ्यों को विकृत कर प्रसारित की जाने वाली सामग्री को नियमानुसार टेकडाउन कराने के साथ-साथ ऐसी पोस्ट करने वालो के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं एवं आमजन के आवागमन में संभावित वृद्धि के दृष्टिगत बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, टैक्सी स्टैंड, ई-रिक्शा एवं अन्य प्रमुख भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर एण्टीरोमियों स्क्वाड को सक्रिय करते हुए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाये । पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के उद्देश्य एवं दायित्वों के संबंध में पूर्व से प्रभावी ब्रीफिंग कराई जाए, ताकि वे यात्रियों की सहायता, महिला सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन एवं कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों के प्रति सजग रह सकें।
प्रमुख मार्गों, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों तथा एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग एवं पुलिस की दृश्यता बढ़ाने के निर्देश, जिससे यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं सुगम यातायात सुनिश्चित किया जा सके। रक्षाबन्धन एवं बारावफात के अवसर पर सभी आवश्यक पुलिस प्रबंध करते हुए त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाये। आगामी त्योहारों के अवसर पर मोटरसाइकिल अथवा अन्य वाहनों से होने वाली स्टंटबाजी, तेज एवं खतरनाक ड्राइविंग पर प्रभावी रोकथाम एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाये ।
डीजीपी ने रेंज एवं जनपद स्तर पर मिशन शक्ति केंद्र की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा करते हुए उनकी गुणवत्ता, कार्यक्षमता, कार्य-विभाजन एवं फील्ड स्तर की प्रभावशीलता में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुलिस महानिदेशक ने 60 एवं 90 दिवस में निस्तारित होने वाली विवेचनाओं की माॅनिटरिंग के लिए तकनीकी सेवायें मुख्यालय द्वारा विकसित किये गये केस डॉयरी माॅनिटरिंग डैशबोर्ड पोर्टल की समीक्षा करते हुये समस्त क्षेत्राधिकारी, सहायक पुलिस आयुक्तों को प्रतिदिन पोर्टल के माध्यम से लम्बित विवेचनाओं की समयबद्ध समीक्षा करते हुये उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गये।
पोर्टल की समीक्षा से विवेचनाओं का उत्कृष्ट पर्यवेक्षण करने वाले शीर्ष क्षेत्राधिकारियों को आचरण की समीक्षोपरान्त प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये जाने के निर्देश सम्बन्धित पुलिस आयुक्त/ पुलिस अधीक्षक को दिये गये। पोर्टल की समीक्षा के उपरान्त इसका नियमित अनुश्रवण नहीं करने वाले क्षेत्राधिकारियों को उक्त पोर्टल के माध्यम से लम्बित विवेचनाओं की निरंतर समीक्षा किये जाने के निर्देश दिये गये।
अंत में डीजीपी ने ‘यक्ष’ ऐप में अपराधियों का अद्यतन एवं सही डाटा ‘यक्ष’ ऐप में अपराधियों के संबंध में उनकी संपूर्ण एवं सही आपराधिक इतिहास अंकित करने के निर्देश दिए गए, ताकि उपलब्ध डाटा के आधार पर सक्रिय अपराधियों का सही-सही चिन्हिकरण किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक

