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राहुल गांधी अपनी पहचान, पारिवारिक पृष्ठभूमि और विदेश यात्राओं पर दें जवाब : प्रकाश पाल

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राहुल गांधी अपनी पहचान, पारिवारिक पृष्ठभूमि और विदेश यात्राओं पर दें जवाब : प्रकाश पाल


मीरजापुर, 07 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने शुक्रवार देर शाम भाजपा जिला कार्यालय, बरौधा कचार में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस, राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष का पिछड़ा वर्ग प्रेम केवल दिखावा है और उसका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ लेना है।

प्रकाश पाल ने कहा कि राहुल गांधी प्रयागराज में छात्रों के बीच संवाद करने जा रहे हैं। ऐसे में उन्हें अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि और पहचान से जुड़े सवालों का जवाब भी देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के परिवार ने अपने पूर्वजों और पारिवारिक इतिहास को लेकर देश के सामने पूरी सच्चाई नहीं रखी।

उन्होंने फिरोज गांधी की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विषय पर राहुल गांधी को स्वयं देश के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय का अपमान करना नहीं है और पारसी समाज का देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि नेहरू-गांधी परिवार की चार पीढ़ियां अफगानिस्तान स्थित बाबर की कब्र पर गईं।

प्रकाश पाल ने कहा कि राहुल गांधी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके परिवार का बाबर से क्या संबंध रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लंबे समय तक इतिहास में मुगल शासकों का महिमामंडन किया, जबकि भारतीय महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों को अपेक्षित स्थान नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति और पाठ्यक्रम में भारतीय इतिहास को अधिक महत्व दिए जाने का विरोध भी इसी मानसिकता का परिणाम है।

राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता होने के नाते उन्हें यह बताना चाहिए कि वे कई बार बिना सार्वजनिक जानकारी के विदेश क्यों जाते हैं। उन्होंने कहा कि देश को इस विषय में पारदर्शिता की अपेक्षा है। नीट परीक्षा और छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए प्रकाश पाल ने आरोप लगाया कि परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद भी कुछ राजनीतिक दलों ने छात्रों को मोहरा बनाकर आंदोलन को राजनीतिक दिशा देने का प्रयास किया।

उन्होंने दावा किया कि आंदोलनों के दौरान ऐसे नारे लगाए गए, जिनका नीट परीक्षा से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे विपक्ष की सुनियोजित राजनीतिक रणनीति थी और भविष्य में इसकी सच्चाई सामने आएगी।

समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि पिछड़ों और दलितों के हितों की बात करने वाले दलों का इतिहास उनके दावों से मेल नहीं खाता। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में पिछड़े और दलित समाज के महापुरुषों के नाम पर स्थापित संस्थानों के नाम बदले गए तथा उनके सम्मान की उपेक्षा की गई। महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सपा सरकारों पर सवाल उठाए। पीडीए को लेकर भी प्रकाश पाल ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष का पिछड़ा प्रेम केवल राजनीतिक एजेंडा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा