एक दिन में फिर सजे 12 उजड़े आशियाने, ‘प्रोजेक्ट मिलन’ से लौटीं रिश्तों में मुस्कान
मीरजापुर, 18 जुलाई (हि.स.)। कभी रूठे थे, कभी बिछड़ गए थे, लेकिन शनिवार को मीरजापुर जनपद में परिवार परामर्श केंद्र में हुई काउंसिलिंग ने 12 दंपतियों की जिंदगी में फिर खुशियां लौटा दीं। पुलिस के ‘प्रोजेक्ट मिलन’ के तहत महिला परिवार परामर्श केंद्र ने एक ही दिन में 12 बिछड़े दंपतियों को आपसी सहमति से फिर साथ रहने के लिए राजी करा दिया। समझौते के बाद जब पति-पत्नी एक-दूसरे का हाथ थामकर घर लौटे तो केंद्र का माहौल भावुक हो उठा।
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में संचालित प्रोजेक्ट मिलन का उद्देश्य पारिवारिक विवादों को न्यायालय तक पहुंचने से पहले संवाद और आपसी समझ के जरिए सुलझाना है। शनिवार को जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आए 12 दंपतियों की लंबी काउंसिलिंग की गई। दोनों पक्षों की बातें धैर्यपूर्वक सुनने, गलतफहमियां दूर करने और पारिवारिक जिम्मेदारियों का एहसास कराने के बाद सभी दंपति फिर से साथ रहने को तैयार हो गए।
समझौते के बाद कई परिवारों के चेहरों पर लंबे समय बाद मुस्कान लौट आई। परिजनों ने भी परिवार परामर्श केंद्र की पहल की सराहना करते हुए इसे टूटते रिश्तों को जोड़ने वाला प्रयास बताया।
संवाद से सुलझे रिश्तों के उलझे धागे
परिवार परामर्श केंद्र में हुई काउंसिलिंग के दौरान प्रभारी निरीक्षक अमृता सिंह, महिला मुख्य आरक्षी सावित्री यादव, महिला आरक्षी सपना, कविता पाल और पिंकी जायसवाल मौजूद रहीं।
अधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट मिलन का उद्देश्य केवल समझौता कराना नहीं, बल्कि पति-पत्नी के बीच विश्वास, संवाद और पारिवारिक सौहार्द को फिर से स्थापित करना है, ताकि परिवार टूटने से बच सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

