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चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के अवशेष से उप्र में बदलेगा मौसम, 24 घंटे तक बारिश और तेज हवाओं के आसार

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चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के अवशेष से उप्र में बदलेगा मौसम, 24 घंटे तक बारिश और तेज हवाओं के आसार


प्रयागराज समेत कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी, 30 से 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

प्रयागराज, 30 अक्टूबर (हि.स.)। चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के कमजोर होने व निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने के बाद उत्तर प्रदेश के मौसम में बदलाव के आसार हैं। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान गरज-चमक, वज्रपात और तेज झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, मीरजापुर और आसपास के जिलों में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना, किसानों को फसल और कटी उपज सुरक्षित रखने की सलाह

चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का अवशेष 30 अक्टूबर की सुबह तक उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में सक्रिय रहा। इसके प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी संबंधित चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव बना हुआ है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

इन जिलों में भारी बारिश के आसार

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, अंबेडकरनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर और संभल सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है।

वहीं, प्रतापगढ़, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुलतानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, अलीगढ़, मथुरा और हाथरस सहित कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

प्रयागराज मंडल में भी गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी

प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, चित्रकूट, सोनभद्र, मीरजापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर और आसपास के जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। हालांकि, 31 अक्टूबर से मौसम की गतिविधियों में कमी आने के आसार हैं। एक से तीन नवंबर तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

तापमान में भी होगा बदलाव

मौसम वैज्ञानिक डॉ. पांडेय के मुताबिक, बारिश और बादलों की गतिविधियों के कारण दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मौसम साफ होने के बाद दिन के अधिकतम तापमान में पांच से सात डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि रात के न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इससे आने वाले दिनों में सुबह और रात के समय हल्की ठंड का एहसास बढ़ सकता है।

किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह

मौसम विभाग ने बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खेतों में खड़ी पकी फसलों की कटाई और मड़ाई का काम मौसम अनुकूल होने तक रोकने को कहा गया है। कटी हुई फसल और अनाज को खुले में न छोड़ें तथा सुरक्षित और ढके स्थान पर रखें। अनाज को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल से ढककर रखें।

तेज हवाओं के दौरान गन्ने, केले और अन्य कमजोर पौधों को सहारा देने की सलाह दी गई है। सरसों, गेहूं, चना और अन्य फसलों की बुवाई तथा सिंचाई का काम मौसम को ध्यान में रखकर करें। खेतों में जलभराव रोकने के लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था भी बनाए रखें।

आंधी-बारिश के दौरान बरतें सावधानी

मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति में खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। कच्चे मकानों और कमजोर ढांचों के आसपास रहने से बचें। तेज हवाओं के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें। घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें तथा बिजली के उपकरणों को सावधानी से इस्तेमाल करें।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल