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बिजली बिलों पर 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त बोझ डालना सरकार का जनविरोधी कदम : सपा

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बिजली बिलों पर 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त बोझ डालना सरकार का जनविरोधी कदम : सपा


प्रयागराज, 30 मई (हि.स.)। समाजवादी पार्टी ने बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार को महंगाई रोकने में विफल बताया है। शनिवार को सपा प्रवक्ता दान बहादुर सिंह मधुर ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ने के बाद अब बिजली पर अतिरिक्त सरचार्ज लगाकर आम जनता की परेशानी और बढ़ा दी गई है।

मधुर ने अपने बयान में कहा कि प्रदेश की जनता पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में बिजली बिलों पर 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त बोझ डालना जनविरोधी कदम है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों की कीमत आखिर जनता को ही क्यों चुकानी पड़ रही है।

सपा प्रवक्ता ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर सब-स्टेशन स्थापित किए गए, ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार हुआ और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण को गति मिली। उन्होंने कहा कि उस समय किसानों, गरीबों और आम उपभोक्ताओं को राहत देने की नीति अपनाई गई थी, जबकि वर्तमान सरकार केवल वसूली की राजनीति कर रही है।

मधुर ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सस्ती बिजली और बेहतर व्यवस्था का वादा किया था, लेकिन आज उपभोक्ता महंगे बिजली बिल, स्मार्ट मीटर विवाद, फ्यूल सरचार्ज और बढ़ते आर्थिक बोझ से परेशान हैं।

सपा ने सरकार से फ्यूल सरचार्ज में की गई वृद्धि तत्काल वापस लेने, घरेलू उपभोक्ताओं एवं किसानों के लिए राहत पैकेज घोषित करने, बिजली कंपनियों के वित्तीय प्रबंधन की स्वतंत्र जांच कराने तथा बिजली दरों और सरचार्ज निर्धारण की प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की मांग की है।

सपा प्रवक्ता दान बहादुर सिंह मधुर ने कहा कि जनता पर लगातार बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के लिए सरकार को तत्काल प्रभाव से राहतकारी कदम उठाने चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल