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शरद पूर्णिमा पर मां कल्याणी का अलौकिक महाशृंगार, हुई महाआरती

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शरद पूर्णिमा पर मां कल्याणी का अलौकिक महाशृंगार, हुई महाआरती


शरद पूर्णिमा पर मां कल्याणी का अलौकिक महाशृंगार, हुई महाआरती


शरद पूर्णिमा पर मां कल्याणी का अलौकिक महाशृंगार, हुई महाआरती


आरोग्य, सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना से महिलाओं ने जलाए आरोग्य के दीप, भक्तों को वितरित किया गया खीर का प्रसाद

प्रयागराज, 25 अक्टूबर (हि.स.)। शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर शक्तिपीठ मां कल्याणी देवी मंदिर में रविवार को मां का अलौकिक महाशृंगार किया गया। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। मां का महाभिषेक और षोडशोपचार पूजन विधि-विधान से संपन्न हुआ। शाम सात बजे ढोल-नगाड़ों, घंटों और घड़ियालों की गूंज के बीच मां की महाआरती की गई। इस दौरान भक्तों ने मां के दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और कल्याण की कामना की।

मंदिर में पंडित श्याम जी पाठक ने विधि-विधान से मां का महाभिषेक और षोडशोपचार पूजन कराया। इसके बाद पंडित सुशील पाठक ने मां कल्याणी की महाआरती की। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे लगाए और दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

आरोग्य और सुख-समृद्धि के लिए किया पूजन

पंडित सुशील पाठक ने बताया कि शरद पूर्णिमा का पर्व आरोग्यता, सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना से जुड़ा है। यह पर्व माता महालक्ष्मी को समर्पित माना जाता है, जो सुख, समृद्धि और कल्याण की देवी हैं। इस अवसर पर महिलाओं ने व्रत रखकर मां कल्याणी का पूजन-अर्चन किया और आरोग्य के दीप जलाकर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की।

देर रात तक खुले रहे मां के दरबार

मंदिर के मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह रहा। देर रात तक मां का दरबार भक्तों के लिए खुला रहा। श्रद्धालुओं को खीर का प्रसाद वितरित किया गया। पर्व को लेकर मंदिर परिसर में विशेष सजावट और पूजन की व्यवस्था की गई थी।

कार्यक्रम की व्यवस्था में आचार्य संतोषानंद महाराज, अनिल पाठक, कृष्ण कुमार पाठक, राजेश केसरवानी, सुधीर पाठक, महेंद्र तिवारी और कमल सरदार सहित अन्य लोग जुटे रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल