home page

प्रयागराज मंडल में 5706 जल नमूनों की हुई जांच, पेयजल की गुणवत्ता पर रेलवे की नजर

 | 
प्रयागराज मंडल में 5706 जल नमूनों की हुई जांच, पेयजल की गुणवत्ता पर रेलवे की नजर


प्रयागराज मंडल में 5706 जल नमूनों की हुई जांच, पेयजल की गुणवत्ता पर रेलवे की नजर


क्लोरीन, जीवाणु और रासायनिक मानकों की जांच पर विशेष जोर स्टेशनों के नलों, वाटर कूलरों और टंकियों की भी हो रही नियमित निगरानी

प्रयागराज, 03 नवंबर (हि.स.)। रेलवे यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 26 अगस्त से एक नवंबर 2026 तक कुल 5706 जल नमूनों की जांच की गई। इनमें 5232 नमूनों की अवशिष्ट क्लोरीन, 451 की जीवाणु संबंधी और 23 की रासायनिक जांच की गई। जांच के माध्यम से पानी की शुद्धता और निर्धारित गुणवत्ता मानकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों और अन्य परिसरों में पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है। अवशिष्ट क्लोरीन की जांच से पानी में क्लोरीन की उचित मात्रा का पता लगाया जाता है। वहीं, जीवाणु संबंधी जांच से पानी में हानिकारक सूक्ष्मजीवों की मौजूदगी और रासायनिक जांच से पानी में विभिन्न रासायनिक तत्वों के स्तर का आकलन किया जाता है।

रेलवे प्रशासन की ओर से स्टेशनों पर लगे पेयजल नलों, वाटर कूलरों और पानी की टंकियों की सफाई एवं रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निर्धारित समय पर टंकियों की सफाई कराने के साथ ही पेयजल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय भी बनाया जा रहा है।

जांच के दौरान गुणवत्ता मानकों में किसी तरह की कमी मिलने पर तत्काल सुधारात्मक और जरूरी निवारक कदम उठाने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

नियमित जांच और निगरानी से सुनिश्चित होगी पेयजल की शुद्धता

प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने मंगलवार काे बताया कि यात्रियों का स्वास्थ्य और उनकी सुविधा रेलवे की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से रेलवे परिसरों में पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए क्लोरीन, जीवाणु और रासायनिक मानकों की जांच के साथ पेयजल स्रोतों, वाटर कूलरों और भंडारण टंकियों की स्वच्छता पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। मंडल का प्रयास है कि यात्रियों को पूरी यात्रा के दौरान स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो तथा उनकी यात्रा सुविधाजनक और स्वास्थ्य के अनुकूल बने।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल