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राजभाषा पर्व हमारे लिए गर्व और गौरव का पर्व : नरेश पाल सिंह

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राजभाषा पर्व हमारे लिए गर्व और गौरव का पर्व : नरेश पाल सिंह


राजभाषा पर्व हमारे लिए गर्व और गौरव का पर्व : नरेश पाल सिंह


उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में राजभाषा पखवाड़ा का मुख्य समारोह, 89 अधिकारी-कर्मचारी हुए सम्मानित

प्रयागराज, 30 सितंबर (हि.स.)। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने बूधवार को कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्रीय मूल्यों की अभिव्यक्ति का माध्यम है। हिंदी विविधता में एकता की भावना को मजबूत करती है और सूचना प्रौद्योगिकी के वर्तमान दौर में संचार एवं तकनीक के विभिन्न माध्यमों में इसका प्रयोग लगातार बढ़ रहा है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में शिक्षा, साहित्य, संचार और मनोरंजन के क्षेत्र में हिंदी का बढ़ता प्रयोग इसे वैश्विक भाषा का स्वरूप दे रहा है। इसलिए राजभाषा का यह पर्व हमारे लिए गर्व और गौरव का पर्व है।

उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में बुधवार को राजभाषा पखवाड़ा के मुख्य समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि उत्तर मध्य रेलवे का कार्यक्षेत्र साहित्य और संस्कृति की समृद्ध विरासत से जुड़ा रहा है। यह क्षेत्र अनेक प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकारों की जन्मस्थली और कर्मस्थली रहा है। प्रयागराज को साहित्य एवं संस्कृति की राजधानी के रूप में भी जाना जाता है। ऐसे क्षेत्र में कार्य करना सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए गौरव की बात है।

उन्होंने कहा कि साहित्यकारों के योगदान और यश का साक्षी रहे इस क्षेत्र में कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दायित्व है कि वे अपने दैनिक कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करें। महाप्रबंधक ने राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और विभागों को बधाई दी।

मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अनिल कुमार द्विवेदी ने कहा कि भारत विविध भाषाओं और बोलियों वाला देश है। इनमें हिंदी का संवैधानिक और राष्ट्रीय दृष्टि से विशेष महत्व है। हिंदी देश की सामासिक संस्कृति की अभिव्यक्ति का माध्यम है और भारतीय रेल विभिन्न भाषाओं एवं संस्कृतियों को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य करती है।

उन्होंने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए नियमित रूप से हिंदी और हिंदी कुंजीयन कार्यशालाएं, साहित्यिक कार्यक्रम, संगोष्ठियां, काव्यपाठ और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। राजभाषा के प्रयोग और प्रगति की समीक्षा के लिए राजभाषा प्रदर्शनी भी लगाई गई। उन्होंने बताया कि हिंदी में उत्कृष्ट कार्य के लिए उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, प्रयागराज की चल वैजयंती का द्वितीय पुरस्कार मिला है। संसदीय राजभाषा समिति की आलेख एवं साक्ष्य उपसमिति ने प्रयागराज और आगरा मंडल के स्टेशनों के कार्यों की भी सराहना की है।

समारोह में उत्तर मध्य रेलवे की सांस्कृतिक टीम ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद ‘संत कबीर का ताना-बाना’ शीर्षक रागबद्ध नृत्य नाटिका का मंचन किया गया। विभागों में हिंदी में किए जा रहे कार्यों पर आधारित राजभाषा प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें वैगन मरम्मत कारखाना, झांसी को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनी की शील्ड प्रदान की गई। सिगनल एवं दूरसंचार विभाग को द्वितीय तथा रेल सुरक्षा बल विभाग को तृतीय पुरस्कार मिला।

राजभाषा पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 89 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। महाप्रबंधक ने प्रतियोगिताओं में निर्णायक के रूप में योगदान देने तथा राजभाषा के प्रसार में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले अधिकारियों को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम में अपर महाप्रबंधक राजकुमार वानखेड़े, सभी प्रधान विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। उप मुख्य राजभाषा अधिकारी डॉ. गरिमा त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल