उत्तर मध्य रेलवे के माल लदान में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि
भारतीय रेलवे की औसत वृद्धि दर से करीब दोगुना प्रदर्शन, खाद्यान्न लदान में 51.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी
प्रयागराज, 06 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर मध्य रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में माल लदान के क्षेत्र में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच उत्तर मध्य रेलवे ने 10.84 मिलियन टन माल का लदान किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में हुए 10.03 मिलियन टन लदान से 8.1 प्रतिशत अधिक है। वहीं, इसी अवधि में भारतीय रेलवे के माल लदान में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस तरह उत्तर मध्य रेलवे की वृद्धि दर भारतीय रेलवे की औसत वृद्धि से करीब दोगुनी रही।
उत्तर मध्य रेलवे ने व्यापार विस्तार और नए माल यातायात को रेलवे से जोड़ने की दिशा में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की। महाराजा छत्रसाल स्टेशन छतरपुर से डोलोमाइट के 28 रेक के माध्यम से 0.11 मिलियन टन तथा बेवरा स्टेशन से लौह अयस्क के 12 रेक के माध्यम से 0.05 मिलियन टन का नया माल लदान दर्ज किया गया।
पारंपरिक माल लदान में भी उत्तर मध्य रेलवे ने बेहतर प्रदर्शन किया। खाद्यान्न के लदान में 51.7 प्रतिशत, बलास्ट एवं गिट्टी में 19.6 प्रतिशत, कंटेनर लदान में 11.9 प्रतिशत, सीमेंट में 6.9 प्रतिशत तथा फ्लाई ऐश के लदान में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, माल लदान में लगातार हो रही वृद्धि बेहतर माल परिवहन व्यवस्था, वैगनों के कुशल उपयोग और आधारभूत सुविधाओं के प्रभावी प्रबंधन का परिणाम है। इससे रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी हो रही है।
उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने मंगलवार काे बताया कि माल लदान में हुई यह वृद्धि रेलवे की बेहतर कार्यप्रणाली और ग्राहकों की जरूरत के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध कराने का परिणाम है। नए माल यातायात को रेलवे से जोड़ने के साथ पारंपरिक वस्तुओं के लदान में भी वृद्धि हुई है। उत्तर मध्य रेलवे माल परिवहन को और अधिक सुविधाजनक एवं प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

