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रेलवे के केंद्रीय चिकित्सालय में पहली बार बिना टांके आंतों को जोड़ने की जटिल सर्जरी सफल

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रेलवे के केंद्रीय चिकित्सालय में पहली बार बिना टांके आंतों को जोड़ने की जटिल सर्जरी सफल


रेलवे के केंद्रीय चिकित्सालय में पहली बार बिना टांके आंतों को जोड़ने की जटिल सर्जरी सफल


आधुनिक सर्कुलर स्टेपलर तकनीक से 31 वर्षीय महिला का हुआ ऑपरेशन, तीन महीने बाद सामान्य रास्ते से मल त्याग करने में मिली सफलता

प्रयागराज, 28 अगस्त (हि.स.)। उत्तर मध्य रेलवे के केंद्रीय चिकित्सालय, प्रयागराज ने अत्याधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पहली बार आधुनिक सर्कुलर स्टेपलर तकनीक से बिना पारंपरिक टांके लगाए आंतों को जोड़ने की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यह जानकारी शुक्रवार को उमरे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने दी।

उन्होंने बताया कि करीब चार घंटे चले इस ऑपरेशन के बाद 31 वर्षीय ममता मौर्या की आंतों की निरंतरता फिर से स्थापित हो गई। ऑपरेशन के तीन दिन बाद 27 अगस्त को मरीज ने सामान्य रास्ते से सफलतापूर्वक मल त्याग किया। उनकी हालत स्थिर है और जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी।ममता मौर्या पिछले तीन महीने से पेट के रास्ते मल त्याग करने को मजबूर थीं। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए एंड-टू-एंड कोलोरेक्टल एनास्टोमोसिस की जटिल सर्जरी करने का निर्णय लिया। 24 अगस्त को करीब चार घंटे चले ऑपरेशन में सर्कुलर स्टेपलर तकनीक का उपयोग कर आंतों को जोड़ा गया। इस तकनीक से आंतों को जोड़ने के लिए पारंपरिक टांकों की आवश्यकता नहीं पड़ी।

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने संयुक्त रूप से किया ऑपरेशनसफल सर्जरी का नेतृत्व मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं ऑनरेरी विजिटिंग कंसल्टेंट सर्जन डॉ. शबी अहमद और केंद्रीय चिकित्सालय के वरिष्ठ रेलवे सर्जन डॉ. संजय कुमार ने संयुक्त रूप से किया।

सर्जिकल टीम में हाउस सर्जन डॉ. सौरभ कुमार मौर्य, एनेस्थीसिया टीम के प्रमुख वरिष्ठ एनेस्थेटिस्ट डॉ. आलोक कुमार यादव, मुख्य नर्सिंग अधीक्षक मंजू सोनकर, वरिष्ठ नर्सिंग अधीक्षक हरीश कुमार शर्मा, नर्सिंग अधीक्षक अंशिका, ड्रेसर आरती प्रसाद तथा चिकित्सा सहायक अमित शुक्ला, मनमोहन, मूलचंद, रेखा और राजेंद्र तिवारी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा अत्याधुनिक उपचारचिकित्सा निदेशक डॉ. संजीव कुमार हंडू और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र नाथ ने इस सफलता पर पूरी चिकित्सा टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय चिकित्सालय में इस प्रकार की जटिल सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होना रेलवे लाभार्थियों के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे मरीजों को अत्याधुनिक उपचार के लिए बाहरी अस्पतालों में भेजने की जरूरत कम होगी।उन्होंने कहा कि अस्पताल में आधुनिक सर्जरी की सुविधाएं बढ़ने से रेलवे के चिकित्सा खर्च में भी कमी आएगी और केंद्रीय चिकित्सालय की सर्जिकल क्षमताओं का विस्तार होगा। इस उपलब्धि से रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों को अपने ही अस्पताल में बेहतर एवं अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल