प्रयागराज मंडल में बने 526 डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, 160 पेंशनरों की हुई स्वास्थ्य जांच
डीएलसी अभियान 5.0 के तहत मेगा शिविर में पेंशनरों को आधार, बैंकिंग, एचआरएमएस और यूएमआईडी की सुविधाएं मिलीं
प्रयागराज, 04 नवंबर (हि.स.)। रेल पेंशनरों को अब जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए बैंक या रेलवे कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आधार आधारित बायोमेट्रिक और चेहरे की पहचान (फेस ऑथेंटिकेशन) के माध्यम से वे घर बैठे ही डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बना सकते हैं। इस सुविधा के प्रति जागरूक करने और पेंशनरों को तकनीकी सहायता देने के लिए उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के नेतृत्व में बुधवार को प्रयागराज मंडल कार्यालय के सभागार में राष्ट्रीय डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 5.0 के तहत मेगा शिविर लगाया गया। शिविर में 404 डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाए गए। वहीं, पूरे प्रयागराज मंडल में कुल 526 प्रमाण पत्र तैयार किए गए और 160 पेंशनरों की स्वास्थ्य जांच की गई।
शिविर का शुभारंभ मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव ध्रुबज्योति सेन गुप्ता और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी मुदित चंद्रा, प्रधान वित्तीय सलाहकार हमीम अहमद, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के निदेशक आकाश दीप, मुख्य कार्मिक अधिकारी सुबोध विश्वकर्मा, अपर मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार और वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी वैभव गुप्ता सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी और बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे।
मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा से पेंशनरों को काफी सहूलियत मिलेगी। आधार आधारित बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए वे घर से ही अपना जीवन प्रमाण पत्र बना सकते हैं। इसके लिए बैंक या संबंधित कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। यह सुविधा बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशनरों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।
वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी वैभव गुप्ता ने बताया कि पिछले वर्ष डीएलसी अभियान 4.0 के तहत प्रयागराज मंडल कार्यालय में 525 डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाए गए थे। यह संख्या भारतीय रेलवे के सभी मंडलों में सबसे अधिक थी। इस बार 80 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनरों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अब तक 105 पेंशनरों के घर जाकर उनके डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाए जा चुके हैं।
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव ध्रुबज्योति सेन गुप्ता ने कहा कि डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र पेंशनरों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक व्यवस्था है। इसका अधिक से अधिक प्रचार किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष देशभर में 75 हजार से अधिक शिविर लगाए गए थे। इस वर्ष एक लाख शिविर लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
यूआईडीएआई के क्षेत्रीय निदेशक आकाश दीप ने बताया कि आधार फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से पेंशनर अपने स्मार्टफोन से घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र बना सकते हैं। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनरों को बैंक या कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बच्चों का पांच और 15 वर्ष की उम्र पूरी होने पर अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट कराने की भी अपील की। बताया कि पांच से 17 वर्ष तक के बच्चों के लिए यह सुविधा 30 सितंबर 2027 तक निःशुल्क है। समय पर बायोमेट्रिक अपडेट कराने से आधार प्रमाणीकरण, छात्रवृत्ति, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होती है।
उत्तर मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी मुदित चंद्रा ने कहा कि डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र से पेंशनरों के लिए प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी हुई है। रेलवे का प्रयास है कि किसी भी पेंशनर को इसके लिए अनावश्यक यात्रा न करनी पड़े और वह आसानी से अपना प्रमाण पत्र जमा कर सके।
एक ही स्थान पर मिलीं कई सुविधाएं
मेगा शिविर में रेलवे, डाकघर, आधार और प्रमुख बैंकों के स्टॉल लगाए गए। यहां पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने के साथ उन्हें तकनीकी सहायता भी दी गई। एचआरएमएस, यूएमआईडी, आधार और चिकित्सा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग सहायता केंद्र बनाए गए। मंडल चिकित्सालय की ओर से निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया, जिसमें पेंशनरों को जांच और स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी गई।
30 नवंबर तक चलेंगे विशेष शिविर
राष्ट्रीय डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 5.0 के तहत प्रयागराज मंडल में एक से 30 नवंबर तक विभिन्न स्टेशनों और कार्यालयों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों और पेंशनरों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा से जोड़ना है।
जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बुधवार काे बताया कि प्रयागराज मंडल में अभियान के तहत पेंशनरों को एक ही स्थान पर जीवन प्रमाण पत्र बनाने के साथ आधार, बैंकिंग, एचआरएमएस, यूएमआईडी और स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं दी जा रही हैं। बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशनरों की सुविधा के लिए उनके घर जाकर भी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। रेलवे का प्रयास है कि सभी पेंशनरों को इस सुविधा का लाभ मिले और उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

