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रक्तदान से बचाई जा सकती है किसी की जान: डॉ. उषा एस. पी. यादव

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रक्तदान से बचाई जा सकती है किसी की जान: डॉ. उषा एस. पी. यादव


रक्तदान से बचाई जा सकती है किसी की जान: डॉ. उषा एस. पी. यादव


विशेष अभियान 6.0 के तहत रेलवे कर्मचारियों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान, महिला चिकित्सकों ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

प्रयागराज, 22 अक्टूबर (हि.स.)। जरूरतमंद मरीजों की मदद और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के उद्देश्य से उत्तर मध्य रेलवे के केंद्रीय चिकित्सालय, प्रयागराज में गुरुवार को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। विशेष अभियान 6.0 और भारतीय रेल के स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में रेलवे के चिकित्सकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर का आयोजन एएनएचए चैरिटेबल ब्लड बैंक, प्रयागराज के सहयोग से किया गया।

शिविर का उद्घाटन केंद्रीय चिकित्सालय के चिकित्सा निदेशक डॉ. राकेश निगम और उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र नाथ ने किया। इस अवसर पर अपर मुख्य दंत शल्य चिकित्सक डॉ. मंजुलता हांडू और अपर मुख्य स्वास्थ्य निदेशक डॉ. उषा एस. पी. यादव रक्तदान करने वाली शुरुआती दो महिला चिकित्सकों में शामिल रहीं। रक्तदान करने वाले सभी लोगों को जलपान कराने के साथ प्रशस्ति प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।

‘रक्त की एक यूनिट बचा सकती है किसी का जीवन’

अपर मुख्य स्वास्थ्य निदेशक (माइक्रोबायोलॉजी) डॉ. उषा एस. पी. यादव ने रक्तदान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति का रक्तदान दूसरे व्यक्ति की जान बचा सकता है। गंभीर परिस्थितियों में केवल सहानुभूति पर्याप्त नहीं होती, बल्कि समय पर रक्त की उपलब्धता जीवन बचाने में अहम भूमिका निभाती है। रक्त की प्रत्येक यूनिट किसी जरूरतमंद के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है। सेवा और मानवीय संवेदना की इसी भावना ने रेलवे कर्मचारियों को शिविर में उत्साह के साथ भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

रेलवे कर्मचारियों ने दिखाई सामाजिक जिम्मेदारी

उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि केंद्रीय चिकित्सालय में आयोजित रक्तदान शिविर का उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करना और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवीय सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजन रेलवे कर्मचारियों को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करते हैं। जरूरत के समय रक्त उपलब्ध होने से मरीजों को उपचार में मदद मिलती है। उन्होंने रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज कल्याण के लिए ऐसी पहलों के महत्व को रेखांकित किया।

शिविर में डॉ. कल्पना मिश्रा, डॉ. मृत्युंजय कुमार और डॉ. एस. एस. नायक सहित केंद्रीय चिकित्सालय के अन्य चिकित्सक और कर्मचारी उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में मुख्य प्रयोगशाला अधीक्षक डेविड नवीन तिवारी, एस. एस. शॉ, यू. के. भारती, पवन केशरी, रेखा कन्नौजिया, प्रयोगशाला टीम और अस्पताल के इनडोर स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यह शिविर स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व को सामने लाने के साथ ही जरूरतमंदों की सहायता, सामाजिक कल्याण और मानवीय सेवा के प्रति उत्तर मध्य रेलवे के कर्मचारियों की प्रतिबद्धता का उदाहरण बना।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल