home page

सुगम्यता से आत्मनिर्भरता तक दिव्यांगजनों की सशक्तिकरण यात्रा पर उत्तर मध्य रेलवे ने जारी की डॉक्यूमेंट्री

 | 
सुगम्यता से आत्मनिर्भरता तक दिव्यांगजनों की सशक्तिकरण यात्रा पर उत्तर मध्य रेलवे ने जारी की डॉक्यूमेंट्री


सुगम्यता से आत्मनिर्भरता तक दिव्यांगजनों की सशक्तिकरण यात्रा पर उत्तर मध्य रेलवे ने जारी की डॉक्यूमेंट्री


महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने किया अनावरण, रोजगार और सुगम सुविधाओं के जरिए दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

प्रयागराज, 19 अगस्त (हि.स.)। उत्तर मध्य रेलवे ने दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उनके लिए सुगम वातावरण तैयार करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को सामने लाने के लिए डॉक्यूमेंट्री सुगम्यता से आत्मनिर्भरता तक—उत्तर मध्य रेलवे की दिव्यांगजन सशक्तिकरण यात्रा’ का अनावरण किया। उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने डॉक्यूमेंट्री का अनावरण किया। इसका निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क विभाग ने किया है।

डॉक्यूमेंट्री में बताया गया है कि दिव्यांगजनों को केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी क्षमताओं को पहचानकर उन्हें समान अवसर देना भी जरूरी है। रोजगार के अवसर मिलने से दिव्यांगजनों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ते हैं।

उत्तर मध्य रेलवे के विभिन्न विभागों और इकाइयों में कार्यरत 8,256 संविदा कार्मिकों में करीब 500 दिव्यांगजन यात्री सेवा और परिचालन से जुड़ी विभिन्न भूमिकाओं में कार्य कर रहे हैं। इनमें स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) सहायक, स्टेशन उद्घोषक, आंकड़ा प्रविष्टि संचालक, पूछताछ सहायक और ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ (ओएसओपी) स्टॉल संचालक जैसी जिम्मेदारियां शामिल हैं।

वहीं, उत्तर मध्य रेलवे के नियमित कर्मचारियों के कैडर में 784 दिव्यांग कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें वर्ष 2025-26 के दौरान 15 दिव्यांग कर्मचारियों की नियुक्ति हुई है। इसके अलावा भविष्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कौशल विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। 100 दिव्यांग युवा एक्ट अप्रेंटिस के रूप में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

सुगम सुविधाओं पर भी जोर

दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए रेलवे ने रोजगार के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं को भी अधिक सुगम बनाने पर ध्यान दिया है। स्टेशनों पर रैंप, लिफ्ट, सुगम पार्किंग, टिकट काउंटर, ब्रेल संकेतक, व्हीलचेयर और बैटरी चालित वाहनों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य दिव्यांग यात्रियों और कर्मचारियों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।

उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए सुगम वातावरण तैयार करना केवल सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समान अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रेलवे का प्रयास है कि दिव्यांगजन अपनी क्षमता के अनुरूप रोजगार और कौशल विकास के अवसर प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कहा कि सुगम्यता के माध्यम से दिव्यांगजनों में आत्मविश्वास और सम्मान की भावना को मजबूत किया जा सकता है।

महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में किए जा रहे इन प्रयासों को ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के अनुरूप बताया गया। डॉक्यूमेंट्री में यह संदेश दिया गया है कि सुगम्यता केवल सुविधा नहीं, बल्कि समान अवसर और आत्मनिर्भरता का माध्यम है।

कार्यक्रम में उत्तर मध्य रेलवे के सभी प्रधान विभागाध्यक्ष, प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। डॉक्यूमेंट्री उत्तर मध्य रेलवे की दिव्यांगजनों के प्रति प्रतिबद्धता और उन्हें सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों को रेखांकित करती है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल