प्रयागराज की साहित्यिक पहचान को नई ऊंचाई देगा साहित्य तीर्थ : गणेश केसरवानी
15 अगस्त को जनता को किया जाएगा समर्पित, साहित्य, संस्कृति और ज्ञान का बनेगा नया संगम
प्रयागराज, 15 जून (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध प्रयागराज केवल संगम की नगरी नहीं, बल्कि साहित्य, शिक्षा और संस्कृति की भी ऐतिहासिक राजधानी है। शहर की गौरवशाली साहित्यिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी को उससे जोड़ने के लिए विकसित किया जा रहा साहित्य तीर्थ आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाएगा। 15 अगस्त को इसे जनता को समर्पित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह बातें सोमवार को महापौर गणेश केसरवानी ने अरैल में निर्माणाधीन साहित्य तीर्थ के औचक निरीक्षण के दौरान कहीं।
नगर निगम प्रयागराज द्वारा विकसित किए जा रहे बहुप्रतीक्षित साहित्य तीर्थ के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए महापौर ने परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और कार्यदायी संस्था को अगले दो महीनों में सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साहित्य तीर्थ प्रयागराज की सांस्कृतिक और बौद्धिक पहचान को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र होगा।
महापौर ने निर्माणाधीन परिसर का विस्तृत भ्रमण करते हुए प्रयागराज के मूर्धन्य साहित्यकारों की स्थापित की जा रही प्रतिमाओं, ओपन थिएटर, ओपन लाइब्रेरी और बुक स्टोर सहित विभिन्न संरचनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता से कोई समझौता न करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
गणेश केसरवानी ने कहा कि प्रयागराज की धरती ने देश को अनेक महान कवि, लेखक, चिंतक और साहित्यकार दिए हैं। साहित्य तीर्थ के माध्यम से उनकी स्मृतियों और योगदान को संरक्षित किया जाएगा तथा नई पीढ़ी को साहित्य और संस्कृति से जोड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह परिसर साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि साहित्य तीर्थ को केवल दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित न किया जाए, बल्कि इसे साहित्यिक गतिविधियों, सांस्कृतिक आयोजनों, पुस्तक विमोचन, कवि सम्मेलनों और बौद्धिक विमर्शों के स्थायी केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि यहां की ओपन लाइब्रेरी और बुक स्टोर अध्ययन एवं शोध को प्रोत्साहित करेंगे, जबकि ओपन थिएटर सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों का प्रमुख मंच बनेगा।
निरीक्षण के दौरान सी एंड डी एस के अधिकारियों एवं फील्ड इंजीनियरों के साथ निर्माण कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। महापौर ने निर्माण एजेंसी को कार्यों में तेजी लाने तथा सभी व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए।इस अवसर पर राजू पाठक, गिरजेश मिश्रा, हिमालय सोनकर, रोबोट पांडे पप्पू, सुधाकर पांडे, अभिषेक सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।नगर निगम की यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूर्ण होने के बाद प्रयागराज को एक ऐसा सांस्कृतिक और साहित्यिक केंद्र प्रदान करेगी, जो शहर की ऐतिहासिक साहित्यिक परंपरा को नई ऊर्जा देने के साथ राष्ट्रीय स्तर पर उसकी विशिष्ट पहचान को और मजबूत करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

