विश्व कल्याण, सुख-शांति और समृद्धि की कामना के साथ बड़े हनुमान मंदिर में जन्मोत्सव संपन्न : महंत बलबीर गिरि
पांच दिवसीय हनुमान जन्मोत्सव का विशेष महाभिषेक और भव्य महाआरती के साथ समापन, बजरंगबली के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
प्रयागराज, 07 नवंबर (हि.स.)। देश और संपूर्ण विश्व के कल्याण, सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना के साथ संगम स्थित श्री बड़े हनुमान जी मंदिर में पांच दिवसीय हनुमान जन्मोत्सव का शनिवार को विशेष महाभिषेक और भव्य महाआरती के साथ समापन हुआ। बाघंबरी मठ के महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने कहा कि भगवान श्री हनुमान जी की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और खुशहाली बनी रहे। विश्व में प्रेम, सद्भाव और कल्याण की भावना मजबूत हो। इस पावन उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बजरंगबली के दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
हनुमान जन्मोत्सव के अंतिम दिन शनिवार मध्यरात्रि से श्री बड़े हनुमान जी का विशेष महाभिषेक प्रारंभ हुआ। करीब पांच घंटे तक चले इस अनुष्ठान में महंत बलबीर गिरि जी महाराज के सानिध्य में दक्षिण भारत से आए ब्राह्मणों और विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया। भगवान का शुद्ध जल और गंगाजल के साथ दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके बाद चंदन, रोली, अक्षत, बेलपत्र, धतूरा, भांग और पुष्प अर्पित कर विश्व कल्याण की प्रार्थना की गई।
महाभिषेक के उपरांत सुबह बजरंगबली का फलों से विशेष शृंगार किया गया और विधिवत आरती उतारी गई। शाम को भगवान का आकर्षक शृंगार किया गया। इसके बाद शाम पांच बजे भव्य महाआरती हुई। शंख, घंटे और घड़ियाल की ध्वनि तथा जय श्रीराम और जय हनुमान के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर बजरंगबली का आशीर्वाद लिया।
पांच दिवसीय उत्सव के मद्देनजर मंदिर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। सुबह से देर शाम तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर में दिनभर भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं और भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
पांच दिनों तक चले जन्मोत्सव के दौरान प्रतिदिन हवन, पूजन, आरती और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। समापन अवसर पर महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने सभी श्रद्धालुओं के कल्याण की कामना करते हुए भगवान श्री हनुमान जी से देश और विश्व में सुख, शांति, समृद्धि और सद्भाव बनाए रखने की प्रार्थना की।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

