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मां गंगा का तट हमारी आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक : गणेश केसरवानी

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मां गंगा का तट हमारी आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक : गणेश केसरवानी


प्रयागराज, 17 मार्च (हि.स.)। मां गंगा का तट हमारी आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है। यह बातें मंगलवार को संगम नोज क्षेत्र में चलाए गए स्वच्छता अभियान के बाद नगर निगम के महापौर गणेश केसरवानी ने कही। उन्होंने कहा कि पतित पावनी मां गंगा की स्वच्छता रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है।

उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है और ऐसे श्रमदान अभियानों से समाज में जागरूकता बढ़ती है। उन्होंने आगे कहा कि छोटे-छोटे सामूहिक प्रयासों से ही शहर, घाट और पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जा सकता है। इस अभियान का उद्देश्य केवल सफाई करना ही नहीं, बल्कि लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करना भी है।

नगर निगम प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी के नेतृत्व में मंगलवार प्रातः संगम नोज क्षेत्र में “सुबह-ए-श्रमदान, स्वच्छ संगम स्वच्छता अभियान” का आयोजन किया गया। अभियान के तहत संगम तट और घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया।

इस दौरान महापौर ने पार्षदों, मनोनीत पार्षदों, नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों एवं स्वच्छता मित्रों के साथ मिलकर स्वयं झाड़ू लगाई और कूड़ा उठाकर स्वच्छता का संदेश दिया। अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की और संगम क्षेत्र की साफ-सफाई में सहयोग किया।

कार्यक्रम में पार्षदगण, मनोनीत पार्षदगण, नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्वच्छता मित्र उपस्थित रहे। सभी ने श्रमदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।

अंत में महापौर ने नागरिकों से अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की, ताकि प्रयागराज सदैव स्वच्छ, सुंदर और गौरवशाली बना रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल