केवीएस टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों को मॉक इंटरव्यू से मिला साक्षात्कार का अभ्यास
विशेषज्ञों ने विषय ज्ञान के साथ आत्मविश्वास और प्रभावी प्रस्तुतीकरण पर दिया जोर
प्रयागराज, 17 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) और स्नातकोत्तर शिक्षक (पीजीटी) पदों के लिए सफल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की बेहतर तैयारी कराने के उद्देश्य से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में विशेष मॉक इंटरव्यू सत्र आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों को विषय ज्ञान के साथ आत्मविश्वास, संप्रेषण कौशल और प्रभावी प्रस्तुतीकरण पर ध्यान देने की सलाह दी।
शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सरोज यादव के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य अभ्यर्थियों को वास्तविक साक्षात्कार जैसी परिस्थितियों का अनुभव कराना था। इसमें विषय ज्ञान, शिक्षणशास्त्र, कक्षा प्रबंधन, विद्यार्थियों की अलग-अलग आवश्यकताओं और शिक्षक की भूमिका से जुड़े प्रश्न पूछे गए।
इस पहल को डॉ. विवेक सिंह ने आगे बढ़ाया। मॉक इंटरव्यू पैनल में शिक्षा विभाग की डॉ. कविता, डॉ. शीलू कच्छप और डॉ. मनीष कुमार गौतम ने विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया। भूगोल विभाग के डॉ. नितिन के. मिश्रा ने विषय विशेषज्ञ के रूप में अभ्यर्थियों का मूल्यांकन किया।
मॉक इंटरव्यू के दौरान अभ्यर्थियों के उत्तर देने के तरीके, आत्मविश्वास, तार्किक क्षमता, संप्रेषण कौशल और पेशेवर व्यवहार का भी आकलन किया गया। प्रत्येक अभ्यर्थी को सत्र के बाद व्यक्तिगत सुझाव दिए गए। विशेषज्ञों ने उन्हें उत्तर संक्षिप्त, तार्किक और प्रभावी ढंग से देने तथा विषय ज्ञान और शिक्षणशास्त्र के बीच संबंध स्पष्ट करने की सलाह दी।
विभाग के शिक्षकों ने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान की क्षमता और व्यावसायिक दक्षता विकसित करने में सहायक होती हैं। अभ्यर्थियों ने भी मॉक इंटरव्यू को उपयोगी बताते हुए कहा कि विशेषज्ञों से मिले सुझावों से उन्हें अपनी तैयारी की कमियों को पहचानने का अवसर मिला।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी प्रो. जया कपूर ने कहा कि रोजगारपरक शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं की व्यावहारिक तैयारी कराना भी विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे मॉक इंटरव्यू से अभ्यर्थियों को वास्तविक साक्षात्कार की परिस्थितियों को समझने, अपनी कमियों पर काम करने और आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत होने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की यह पहल विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ व्यावसायिक रूप से तैयार करने की दिशा में उपयोगी कदम है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

